छात्रा रेप हत्याकांड: सहपाठी बोले- जब तक दरिंदे पकड़े नहीं जाते स्कूल नहीं जाएंगे
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कोटखाई प्रकरण में सुराग देने पर भाजपा सांसद शांता कुमार के एक लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा के अड़तालीस घंटे बाद अब सरकार को मुआवजा देने की सूझी है। प्रदेश सरकार ने छात्रा के परिजनों को पांच लाख रुपये बतौर मुआवजा देने की घोषणा के साथ ही दरिंदों की सूचना देने वाले को एक लाख रुपये ईनाम देने की घोषणा की है।
इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री ने डीजीपी सोमेश गोयल को तलब कर मामले में अब तक हुई जांच की जानकारी की। इसके बाद उन्होंने डीजीपी को निर्देश दिए कि मामले में निष्पक्ष जांच कर सख्ती से आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।
वहीं, मुख्यमंत्री के एक्टिव होने के बाद मंगलवार को ही पूर्व सांसद व मुख्यमंत्री की पत्नी प्रतिभा सिंह ने कोटखाई जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार और गांव के लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। साथ ही आश्वस्त किया कि दरिंदों को हर हाल में पकड़कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
4 जुलाई से लापता कोटखाई की चौदह वर्षीय छात्रा की लाश 6 जुलाई को उसके गांव के नजदीक बरामद हुई थी। पोस्टमार्टम में इस बात की पुष्टि हुई थी कि उसके साथ दुराचार किया गया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। शुरू में शिमला पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके बाद शिमला पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ कोटखाई से लेकर प्रदेशभर में जबरदस्त प्रदर्शन हुए।
पब्लिक के दबाव और पुलिस की लचर कार्यशैली को देखते हुए सरकार ने आईजी दक्षिण रेंज जहूर हैदर जैदी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच कमेटी(एसआईटी) गठित कर दी। एसआईटी ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। उधर लोगों ने शिमला पुलिस की खराब कार्यशैली के चलते सीबीआई जांच की मांग शुरू कर दी है।
जब तक दरिंदे पकड़े नहीं जाते स्कूल नहीं जाएंगे
कोटखाई में छात्रा से दुराचार और हत्या मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से लोगों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। घटना के 144 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
शिमला पुलिस के कई अफसर कोटखाई में डटे हैं लेकिन अब तक आरोपियों का सुराग पुलिस नहीं लगा सकी है। मंगलवार को आईजी जहूर जैदी भी घटना स्थल पर पहुंचे।
आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर उसके स्कूल के बच्चों ने कोटखाई तहसील मुख्यालय पहुंच कर न्याय की मांग की। पुलिस थाना के बाहर गुड़िया की आत्मा की शांति के लिए बच्चों ने मौन भी रखा।
घटना के बाद अभी तक महासू स्कूल में बच्चे कक्षाओं में नहीं जा रहे हैं। स्कूली छात्रों ने दोटूक कह दिया है कि जब हत्यारों को पकड़ा नहीं जाता और उनकी सुरक्षा के लिए कदम नहीं उठाए जाते हैं वे स्कूल नहीं जाएंगे। महिला मंडल हलाईल, जनान, वानकुफर और अन्य संस्थाओं ने धरना-प्रदर्शन किया।
महिला आयोग गंभीर, रोज ले रहा रिपोर्ट: जैनब
गुड़िया मामले में राज्य महिला आयोग गंभीर हो गया है और रोजाना रिपोर्ट ले रहा है। आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल ने कहा कि दिल दहलाने वाली इस घटना में दोषियों को दंड मिलेगा। चंदेल ने कहा कि वह बीते रविवार को घटनास्थल पर गई थीं। उन्होंने इस मामले में गुड़िया के परिजनों और स्थानीय लोगों से बात की है।
ऐसी घटनाएं हिमाचल मेें नहीं होती थीं। यह अनोखा मामला है। वह रोज पुलिस अधीक्षक शिमला और अन्य अधिकारियों से संपर्क साधे हुए हैं और अपडेट ले रही हैं। मंगलवार को भी उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। इसके लिए कडे़ कदम उठाए जाने की जरूरत है।
जल्द सलाखों के पीछे होंगे गुड़िया के कातिल: विक्रमादित्य
शिमला। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने भरोसा दिलाया है कि गुड़िया के कातिलों को जल्द ही सलाखों के पीछे किया जाएगा। प्रदेश के लोग और सरकार गुड़िया के परिवार के साथ खड़े हैं। विक्रमादित्य ने कहा कि भाजपा घड़ियाली आंसू बहाकर इसका राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रही है।
गुड़िया को इंसाफ दिलाने के लिए पूरी ताकत लगाएं सीएम
कोटखाई में छात्रा से दुराचार के बाद निर्मम हत्या के मामले में परिवहन मंत्री जीएस बाली ने सीएम वीरभद्र से आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पूरी ताकत झोंकने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यह मामला चिंता का विषय है।
फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह मामला भी उलझा हुआ है। दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद छात्रा के दुराचार और हत्या से हिमाचल शर्मसार हुआ है। परिवहन मंत्री ने अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले गहरी चिंता जताते हुए परिवहन निगम के एमडी को यात्रियों की सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।