छात्र संगठनों का आज से पूर्ण शिक्षा बंद का ऐलान
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फीस बढ़ोतरी, एससीए चुनाव पर रोक और रूसा के खिलाफ एसएफआई और एबीवीपी के साझा मोर्चे ने निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान कर दिया है।
रविवार को शिमला में मोर्चे की बैठक में सोमवार से वीरवार 25 सितंबर तक प्रदेश विश्वविद्यालय और कॉलेजों में पूर्ण शिक्षा बंद का आह्वान किया।
साथ ही निर्णय लिया कि 26 सितंबर को प्रदेश भर से हजारों छात्र शिमला में जुटेंगे और रैली निकालेंगे। प्रेस वार्ता में एबीवीपी के प्रांत मंत्री आशीष सिक्टा और एसएफआई के राज्य सचिव मुनीश शर्मा ने ऐलान किया कि अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
दोनों छात्र संगठन के नेताओं ने कहा कि वे छात्र हितों के लिए लड़ेंगे। सरकार और विवि प्रशासन की दमनकारी और छात्र विरोधी नीतियों का प्रदेश भर में विरोध होगा।
सीएम के बयान की निंदा
उन्होंने मुख्यमंत्री के बीते दिन फीस बढ़ोतरी को लेकर दो सौ रुपये जेब खर्च और 15000 के मोबाइल फोन के दिए तर्क और बयान को उनके पद की गरिमा के खिलाफ बताया। इन नेताओं ने कहा कि एनएसयूआई से भी आम छात्रों की इस लड़ाई का हिस्सा बनने के लिए संपर्क किया जा रहा है।
मांगें पूरी न होने पर प्रदेश भर में चक्का जाम और जेल भरो आंदोलन भी चलाया जा सकता है। आम छात्रों, राजनीतिक दलों, संस्थाओं से भी इस लड़ाई का हिस्सा बनने का आह्वान किया।
यह बनी छह सदस्यीय एक्शन कमेटी
एसएफआई के प्रदेश सचिव मुनीश शर्मा, दिनेश मेहता, राहुल चौहान, एबीवीपी के प्रांत मंत्री आशीष सिक्टा, सन्नी शुक्ला, नवनीत कौशल दोनों संगठनों के बने छात्र एकता मंच की एक्शन कमेटी के सदस्य हैं। कमेटी समय-समय पर बैठक आंदोलन की दिशा तय करेगी और इस पर नजर रखेगी।
प्रेस वार्ता से उठा लिए दो छात्र नेता
एसएफआई, एबीवीपी के फीस बढ़ोतरी, एससीए चुनाव प्रतिबंध और रूसा के विरोध में बने छात्र एकता मंच के दो सदस्यों सन्नी शुक्ला और नवनीत कौशल को पुलिस ने पुराने केस में रिज पर स्थित प्रेस वार्ता स्थल के बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया।
मंच के सदस्य मुनीश और आशीष ने कहा कि मंच के बनने से सरकार और पुलिस प्रशासन डर गई है, इसलिए संगठनों के नेताओं को निशान बनाकर गिरफ्तार किया जा रहा है।