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भाजपा पार्षद के खिलाफ निगम कार्यालय में नारेबाजी
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शिमला। भाजपा पार्षद पूरनमल के खिलाफ शनिवार को नगर निगम कार्यालय में नारे लग गए। सफाई कर्मचारियों ने पार्षद पर निगम सदन के बीच सुपरवाइजरों और दफेदारों पर गलत टिप्पणी करने का आरोप लगाया है।
सुबह करीब 11 बजे 50 से ज्यादा सफाई कर्मचारी निगम कार्यालय पहुंच गए। यहां आयुक्त अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। कर्मचारी पार्षद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आयुक्त कार्यालय में घुस गए। आरोप लगाया कि पार्षद ने उनके खिलाफ शुक्रवार को हुए सदन में अभद्र टिप्पणी की है। सुपरवाइजरों को कामचोर कहा जा रहा है। कहा कि जब तक पार्षद माफी नहीं मांगेंगे, कर्मचारी काम नहीं करेंगे। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि उनके सामने ऐसा कुछ नहीं हुआ। सफाई कर्मचारियों पर तो सदन में कोई चर्चा नहीं हुई। लेकिन कर्मचारी मानने को तैयार नहीं थे। कहने लगे कि पार्षद पहले भी अपने वार्ड के सुपरवाइजर के साथ अभद्र व्यवहार कर चुके हैं। इस पर आयुक्त ने कहा कि दोनों पक्षों को बिठाकर बात की जाएगी। आयुक्त के समझाने के बाद कर्मचारी शांत हुए।
सदन में नहीं हुई चर्चा
शुक्रवार को हुए नगर निगम सदन में सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर तो चर्चा हुई थी लेकिन कर्मचारियों को कामचोर कहने जैसी कोई टिप्पणी नहीं हुई। उधर, कर्मचारी दावा कर रहे हैं कि सदन में मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें ऐसी सूचना दी है। अब सदन के नाम पर किसने कर्मचारियों को गुमराह किया, इस पर चर्चा तेज हो गई है।
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ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की : पार्षद
पार्षद पूरनमल ने कहा कि सदन में उन्होंने किसी कर्मचारी पर ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की। कहा कि जिनके खिलाफ नारे लगने चाहिए थे, वही लोग कर्मचारियों को उकसाकर उनके खिलाफ नारे लगवा रहे हैं। उनकी छवि को जानबूझकर खराब करने की साजिश रची गई है।
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सुबह करीब 11 बजे 50 से ज्यादा सफाई कर्मचारी निगम कार्यालय पहुंच गए। यहां आयुक्त अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। कर्मचारी पार्षद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आयुक्त कार्यालय में घुस गए। आरोप लगाया कि पार्षद ने उनके खिलाफ शुक्रवार को हुए सदन में अभद्र टिप्पणी की है। सुपरवाइजरों को कामचोर कहा जा रहा है। कहा कि जब तक पार्षद माफी नहीं मांगेंगे, कर्मचारी काम नहीं करेंगे। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि उनके सामने ऐसा कुछ नहीं हुआ। सफाई कर्मचारियों पर तो सदन में कोई चर्चा नहीं हुई। लेकिन कर्मचारी मानने को तैयार नहीं थे। कहने लगे कि पार्षद पहले भी अपने वार्ड के सुपरवाइजर के साथ अभद्र व्यवहार कर चुके हैं। इस पर आयुक्त ने कहा कि दोनों पक्षों को बिठाकर बात की जाएगी। आयुक्त के समझाने के बाद कर्मचारी शांत हुए।
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सदन में नहीं हुई चर्चा
शुक्रवार को हुए नगर निगम सदन में सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर तो चर्चा हुई थी लेकिन कर्मचारियों को कामचोर कहने जैसी कोई टिप्पणी नहीं हुई। उधर, कर्मचारी दावा कर रहे हैं कि सदन में मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें ऐसी सूचना दी है। अब सदन के नाम पर किसने कर्मचारियों को गुमराह किया, इस पर चर्चा तेज हो गई है।
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ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की : पार्षद
पार्षद पूरनमल ने कहा कि सदन में उन्होंने किसी कर्मचारी पर ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की। कहा कि जिनके खिलाफ नारे लगने चाहिए थे, वही लोग कर्मचारियों को उकसाकर उनके खिलाफ नारे लगवा रहे हैं। उनकी छवि को जानबूझकर खराब करने की साजिश रची गई है।