फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Strictness on elective posts: cs instructions, maximum limit of five years in the entire service period

चुनावी पदों पर सख्ती: मुख्य सचिव के निर्देश, पूरे सेवाकाल में हो अधिकतम पांच साल की सीमा

Sun, 15 Feb 2026 06:00 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sun, 15 Feb 2026 06:00 PM IST
सार

मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने पूरे सेवाकाल के दौरान किसी भी चुनावी पद पर अधिकतम दो कार्यकाल या कुल पांच वर्ष में से जो भी पहले हो, उससे अधिक नहीं रह सकेगा।

विज्ञापन
Strictness on elective posts: cs instructions, maximum limit of five years in the entire service period
मुख्य सचिव संजय गुप्ता । - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकारी कर्मचारियों की ओर से विभिन्न निकायों और कर्मचारी संगठनों में चुनावी पद धारण करने के मामलों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने पूरे सेवाकाल के दौरान किसी भी चुनावी पद पर अधिकतम दो कार्यकाल या कुल पांच वर्ष में से जो भी पहले हो, उससे अधिक नहीं रह सकेगा। निर्देशों में केंद्र सरकार के वर्ष 2019 और 2020 के दिशा-निर्देशों और 3 जून 2022 के कार्यालय ज्ञापन का हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी बोर्ड, निगम, स्वायत्त निकाय या कर्मचारी संगठन के चुनाव में भाग लेना चाहता है तो उसे सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना पूर्व स्वीकृति के चुनाव लड़ना या निर्धारित अवधि से अधिक समय तक पद पर बने रहना सेवा नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जहां सरकारी कर्मचारी विभिन्न संस्थाओं में लंबे समय तक चुनावी पदों पर बने हुए हैं।

विज्ञापन
Trending Videos

कुछ मामलों में संबंधित संस्थाओं के उप नियमों में लगातार कार्यकाल की सीमा निर्धारित होने के बावजूद कर्मचारी एक अंतराल के बाद दोबारा चुनाव लड़कर पद हासिल कर लेते हैं। वहीं, कुछ मामलों में अपने परिवार के सदस्य या निकट संबंधी को प्रतिनिधि के रूप में चुनाव जिताकर परोक्ष रूप से संस्था पर नियंत्रण बनाए रखने की शिकायतें भी सामने आई हैं।  निर्देशों में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार लंबे समय तक चुनावी पदों पर बने रहने से संबंधित कर्मचारी अपने शासकीय दायित्वों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते। इससे उनके कार्य निष्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही यह आशंका भी उत्पन्न होती है कि विशेषकर वे संस्थाएं जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़ी हैं, उनमें पद पर बने रहने वाले कर्मचारियों के निजी हित विकसित हो सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सचिवालय में भी नहीं हो रहा इन आदेशों का पालन
इन आदेशों का पालन राज्य सचिवालय में भी नहीं हो रहा है। विभागों और फील्ड स्टाफ के बीच भी ऐसी ही स्थिति बताई जा रही है। सचिवालय से जुड़े संगठनों जैसे राजपत्रित कर्मचारी संघ, सचिवालय चालक एसोसिएशन, स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड तथा क्लास-थ्री और क्लास-फोर कर्मचारियों के संगठनों में पदाधिकारी 20–25 वर्षों से बार-बार चुनाव लड़कर चुने जा रहे हैं और लंबे समय से पदों पर काबिज हैं।
 

विज्ञापन

प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों, निगमों को कड़े निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों, निगमों और स्वायत्त निकायों के प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों के मामलों की समीक्षा कर निर्धारित सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। राज्य सरकार ने चेतावनी दी है कि दो कार्यकाल या पांच वर्ष की अधिकतम सीमा का उल्लंघन करने, बिना पूर्व अनुमति चुनाव लड़ने अथवा नियमों को दरकिनार कर परोक्ष रूप से पद पर बने रहने के मामलों में संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध सेवा नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसे प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और हितों के टकराव को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed