मनमानी फीस बढ़ाने वाले निजी स्कूलों पर कसेगा शिकंजा
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मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने वाले निजी स्कूलों पर सरकार जल्द शिकंजा कसेगी। शुक्रवार को प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत ने छात्र-अभिभावक संघ को इस बाबत आश्वस्त किया।
उन्होंने कहा कि सरकार निजी स्कूलों को लेकर एक नीति तैयार कर रही है। अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन किया जा रहा है। जल्द अभिभावकों से मनमानी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
निजी स्कूलों की मनमानी और भारी फीसों के खिलाफ छात्र-अभिभावक मंच के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने तीसरे चरण के आंदोलन के तहत शुक्रवार को सचिवालय में प्रधान सचिव शिक्षा कमलेश कुमार पंत से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि मंच के आंदोलन के फलस्वरूप 18 मार्च, 8 अप्रैल और 4 मई 2019 को उच्च शिक्षा निदेशक ने भारी फीसों पर अंकुश लगाने के लिए तीन अधिसूचनाएं जारी की थीं।
फीसों में कटौती न की गई तो आंदोलन तेज हाेगा
साथ ही शिक्षा अधिकारियों ने पूरे प्रदेश में निजी स्कूलों का 8 से 22 अप्रैल तक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद 4 मई 2019 को शिमला, सोलन, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिले के 96 निजी स्कूलों को पत्र लिख कर फीसें कम करने और इसकी अनुपालना सात दिन के अंदर करने के निर्देश जारी किए गए थे।
बावजूद इसके इन आदेशों व अधिसूचनाओं पर निजी स्कूलों ने कोई कार्य नहीं किया है। करीब चार महीने बीतने के बावजूद निजी स्कूलों के खिलाफ जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर निजी स्कूलों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी ही अधिसूचनाओं को लागू करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
मंच ने चेताया कि अगर भारी फीसों में कटौती न की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में विवेक कश्यप, विकास थापटा, हरि सिंह पंवर, जगत सिंह नेगी, सोनिया सबरवाल, रमाकांत मिश्रा, रंजीव कुठियाला, राकेश कुमार, अनिल पंवर, खयाली राम, प्रताप कुमार, बच्चन पाल मौजूद रहे।