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40 साल से फलाहार पर जी रहे हैं ये योगाचार्य महाराज

Mon, 26 Sep 2016 05:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 26 Sep 2016 05:19 PM IST
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Story of yog guru swami gauriswranand puri maharaj

योगाचार्य स्वामी गौरीश्वरानंद पुरी महाराज 20 साल से हिमाचल के अलग अलग जिलों शिमला, सिरमौर, रामपुर, मंडी, कुल्लू में योग की शिक्षा दे रहे हैं। कई उच्च अधिकारी योगाचार्य की योग शिक्षा का लाभ उठा चुके हैं। योगाचार्य का जन्म काष्ठकुरूम्वा, पश्चिम बंगाल में हुआ है। पिता स्व. अभय पद पाल और माता स्व. कमला पाल के ज्येष्ठ पुत्र हैं।

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इनकी शिक्षा भैठा हरिदास कर उच्च विद्यालय, सड्या उच्च विद्यालय, कालना महाविद्यालय, द्वारभंगा विवि, काशी हिंदू विवि वाराणसी से हुई है। 1961 में गृह त्याग कर दिया। ब्रह़मचर्य दीक्षा देवघर झारखंड से हुई। सन्यास गुरू स्वामी गिरि महाराज रहे हैं। इनके योग गुरू विभवानंद महाराज रहे हैं।
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12 साल तक रामकृष्ण मिशन देवघर झारखंड में रहे। 1973 से 1985 तक 12 साल तक सन्यासी जीवन व्यतीत किया। वाराणसी में 1975 से 1984 तक आकाशवृत्ति में रहे। 1976 से आजीवन फलाहार पर जी रहे हैं। 1978 से 1992 तक स्वामी गौरीश्वरानंद पुरी मौन व्रत में रहे। इस दौरान उन्होंने वाराणासी से मसूरी तक मौन भ्रमण भी किया।

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