फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   State level vedic programme at gaiety theatre

विज्ञान भी लगा रहा वैदिक ज्ञान पर मुहर

Sun, 13 Jul 2014 03:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 13 Jul 2014 03:55 PM IST
विज्ञापन
State level vedic programme at gaiety theatre

विश्व की सर्वाधिक पुरातन रचना वेदों के ज्ञान पर विज्ञान निरंतर मुहर लगा रहा है। हम वेदों की मौलिकता पर मनन करने की बजाय इसमें दर्ज ज्ञान को वैज्ञानिकों की पुष्टि के बाद ही स्वीकार कर रहे हैं। संस्कृत के अनेक विद्वानों ने यह बात संस्कृत अकादमी के राज्य स्तरीय वैदिक सम्मेलन में स्वीकार की।

विज्ञापन


चिंता भी प्रकट की गई कि संस्कृत भाषा में वेदों की स्वरूप रचना हुई, उसे सदियों से बिसराने का षड्यंत्र चल रहा है। इस पर सचेत होने की जरूरत है। गेयटी थियेटर में वैदिक सम्मेलन दो सत्रों में हुआ। सुबह के सत्र में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी थे। डा. शशिभूषण चीफ गेस्ट रहे।
विज्ञापन


पंचमुखी हनुमान केलटी के अर्चक पंडित संजय शास्त्री और संस्कृत महाविद्यालय सोलन के विद्यार्थियों के मंत्रोच्चारण के बीच उन्होंने दीप प्रज्वलन किया। प्रदेश संस्कृत अकादमी के सचिव डा. मस्तराम शर्मा ने उनका स्वागत किया। मंच संचालन डा. मनोहर लाल ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रो. एडीएन बाजपेयी ने कहा कि संस्कृत देववाणी और वेदवाणी से भी बढ़कर देहवाणी हैं। उन्होंने कहा कि एक षड्यंत्र के तहत संस्कृत को बहुत ही दुर्बोध भाषा बोल दिया गया, जबकि यह अत्यंत सरल है। उन्होंने सुरेश शर्मा भारद्वाज की पुस्तक देवीचरितम् का भी विमोचन कि। शाम के सत्र की अध्यक्षता पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने की। परिचर्चा सत्र में डा. गोकुल चंद शर्मा बतौर अध्यक्ष शामिल हुए।


इन विद्वानों ने पढ़े पत्र
डा. बृहस्पति मिश्र, डा. गिरिराज शर्मा, डा. ओमदत्त सरोच, डा. मुकेश शर्मा, डा. रमेश शर्मा, प्रो. एमसी सक्सेना और डा. राकेश कुमार शर्मा ने वैदिक ज्ञान पर अपने पत्र पढ़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed