मेगा मॉकड्रिल: भूकंप के झटकों से हिला हिमाचल, सुंदरनगर रहा केंद्र
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भूकंप आने पर बचाव के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने वीरवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से प्रदेश भर में मेगा मॉकड्रिल का अभ्यास किया। इस अभ्यास में विभिन्न विभागों ने सहयोग दिया।
लोगों को भी बताया गया कि भूकंप आए तो किस तरह खुद को बचाना है। अभ्यास में 2650 अधिकारियों के साथ 32 गैर सरकारी संगठनों के 833 स्वयं सेवकों ने भाग लिया। बीआरओ और वायुसेना के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हुए।
अभ्यास के लिए यह परिदृश्य बनाया गया कि प्रदेश में रात के समय रिक्टर पैमाने पर आठ मैग्नीट्यूड का भूकंप आया है। जिसका केंद्र मंडी जिला का सुंदरनगर होगा।
प्रधान सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन ओंकार शर्मा ने कहा कि हिमाचल भूकंप के जोन चार और जोन पांच के तहत आता है। इस कारण राज्य के लिए यह प्रमुख खतरा है।
इस परिदृश्य का विकास एनडीएमए, आईआईटी मुंबई और मद्रास के तकनीकी सहयोग से किया गया। गुरुवार को मॉक अभ्यास सुबह साढ़े आठ बजे ट्रिगर किया गया। राज्य एवं जिला आपातकाल अभियान केंद्रों को तुरंत सक्रिय किया गया। ओंकार शर्मा ने कहा कि जिलावार परिस्थितियां एसडीएम द्वारा दी गई और जिलों को 112 घटना स्थल दिए गए थे। अभ्यास के दौरान आए काल्पनिक भूकंप में मोबाइल एवं लैंड लाइन सुविधा बाधित होने की स्थिति को मानते हुए 836 वायरलैस सेट और 62 आई सेट फोन प्रयोग में लाए गए।
अभ्यास के दौरान विभिन्न गतिविधियां जैसे बचाव एवं राहत, प्रभावितों को परिवहन सुविधा, राहत शिविरों का प्रबंध, यातायात नियंत्रण, कानून व्यवस्था, मॉक संदेशों के रूप में एसईओसी को स्थिति की जानकारी, राज्य मुख्यालय से आवश्यक सहायता के संबंध में प्रोजेक्शन, हवाई अड्डों और चिन्हित हैली बेसिज का एक्टिवेशन, क्षति एवं हानि मूल्यांकन प्रक्रिया की कार्रवाई की गई।
अभ्यास के दौरान हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के लिए तैयार था लेकिन खराब मौसम के चलते नहीं उड़ सका। इसके बाद डीब्रीफींग भी की गई जिसमें ओंकार शर्मा, वीके नायक, सेना और अर्धसेना बल के अफसरों ने उपायुक्तों से वीडियो कांफ्रेंस से बातचीत की। अभ्यास के दौरान बीआरओ व वायुसेना के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। अस्पतालों की तत्परता का निरीक्षण करने के लिए सेना के स्वास्थ्य अधिकारी भी तैनात किए गए थे।