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छह सदस्यीय प्राधिकरण करेगा निजी स्कूलों की फीस शिकायतों का निपटारा
Thu, 17 Jun 2021 10:31 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 17 Jun 2021 10:31 AM IST
सार
निजी स्कूल फीस नियंत्रण को लेकर बनाए गए विधेयक में इसका प्रावधान किया गया है। 20 जून तक आम जनता से इस बाबत सुझाव भी मांगे गए हैं।
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स्कूल फीस(सांकेतिक)
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों की फीस से संबंधित शिकायतों के निपटारे के लिए प्रदेश स्तर पर एक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। जिला उपायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटियों की कार्यवाही से असंतुष्ट लोग इस प्राधिकरण के अध्यक्ष उच्च शिक्षा निदेशक को शिकायत कर सकेंगे। प्राधिकरण का उच्च शिक्षा निदेशक को अध्यक्ष बनाया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक इसके सदस्य होंगे। संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी को सदस्य सचिव बनाया जाएगा। अध्यक्ष की ओर से तीन-तीन वर्ष के लिए तीन लोगों को बतौर सदस्य इसमें मनोनीत किया जाएगा। निजी स्कूल फीस नियंत्रण को लेकर बनाए गए विधेयक में इसका प्रावधान किया गया है। 20 जून तक आम जनता से इस बाबत सुझाव भी मांगे गए हैं।
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विधेयक में प्रावधान किया गया है कि निजी स्कूल फीस में हर साल छह फीसदी की वृद्धि ही कर सकेंगे। सरकार के दिशा-निर्देश नहीं मानने वाले स्कूलों को कानून के तहत 2 से 5 लाख तक जुर्माना भुगतना पड़ेगा। जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में निजी स्कूलों की फीस तय की जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता वाली कमेटी फीस को मंजूरी देगी और इसी कमेटी के पास निजी स्कूल फीस से संबंधित शिकायतों की अपील कर सकेंगे। निजी स्कूलों में दी जा रहीं सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं के आधार पर फीस को तय किया जाएगा। शिक्षकों को दिए जा रहे वेतन को भी ध्यान में रखते हुए फीस तय की जाएगी। स्कूल वर्दी और किताबों को लेकर भी दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। निजी स्कूल अपनी मर्जी से दुकानों को चिह्नित कर अभिभावकों को वहीं से खरीद करने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे।
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