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Shimla News: बगीचों को कीटों से बचाने को करें एचएमओ का छिड़काव

Sat, 28 Feb 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Feb 2026 11:59 PM IST
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Spray HMO to protect gardens from pests
कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों की बागवानों को सलाह
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200 लीटर पानी में 4 लीटर एचएमओ का करें उपयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले में सेब के बगीचों को शीतकालीन कीटों से बचाने के लिए बागवान एचएमओ (पर्यावरण-अनुकूल कीटनाशक) का छिड़काव कर सकते हैं। यह जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) शिमला रोहड़ू की प्रभारी डॉ. उषा शर्मा ने दी।

डॉ. उषा शर्मा ने बताया कि आधा इंच हरी टिप से टाइट क्लस्टर अवस्था पर ही एचएमओ का छिड़काव करें जिसमें 200 लीटर पानी में 4 लीटर एचएमओ का उपयोग करके सैन जोस स्केल और माइट्स को प्रभावी ढंग से नष्ट किया जा सकता है। यह समयबद्ध छिड़काव डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (यूएचएफ) नौणी के विशेषज्ञों द्वारा जांची और अनुशंसित किया है। यह सर्दियों के कीटों को उनकी कमजोर प्रारंभिक विकास अवस्था में घुटन पैदा करके नष्ट करता है।
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डॉ. शर्मा ने बागवानों से आग्रह किया कि वह सर्वोत्तम कीट नियंत्रण के लिए केवल एचएमओ का ही प्रयोग करें और इसे अन्य कीटनाशकों या फफूंदनाशकों के साथ मिलाकर प्रयोग करने से बचें। उन्होंने कीटनाशकों और फफूंदनाशकों के सटीक छिड़काव के लिए हिमाचल के बागवानी विभाग और यूएचएफ नौणी द्वारा तैयार किए छिड़काव कार्यक्रम का पालन करने पर जोर दिया। इसके अलावा बागवान, बागवानी विभाग, यूएचएफ विश्वविद्यालय और केवीके अधिकारियों से छिड़काव संबंधी समयबद्ध सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
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नाइट्रोजनयुक्त उर्वरकों के प्रयोग से बचें : डॉ. एनपी बुटेल
कृषि विज्ञान केंद्र शिमला के मृदा वैज्ञानिक डॉ. एनपी बुटेल ने बागवानों को वर्तमान चरण में नाइट्रोजनयुक्त उर्वरकों के प्रयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने सुझाव दिया कि नाइट्रोजन को दो बराबर भागों में डालना चाहिए। पहला भाग बागों में फूल आने से 2 से 3 सप्ताह पहले और दूसरा भाग पहले भाग के एक महीने बाद डालना चाहिए। उन्होंने किसानों को यह भी सलाह दी कि वह उर्वरक तभी डालें जब मिट्टी में पर्याप्त नमी हो।
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