राष्ट्रीय दलों की लड़ाई में खो गए सपा, बसपा
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देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा को पछाड़ने वाली समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी हिमाचल में इन्हीं दो राष्ट्रीय दलों के बीच खो गई है। हिमाचल के चुनावी दंगल में न तो मायावती का हाथी पहाड़ चढ़ता दिख रहा है और न ही मुलायम सिंह यादव की साइकिल।
यूपी में बहुमत वाली सरकार चलाने वाले मुलायम सिंह यादव और मायावती हिमाचल के हर चुनाव में लाचार ही दिखे हैं। इस बार भी ये दोनों दल राज्य की चारों लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। प्रत्याशी दे दिए हैं।
चुनाव आयोग में दी गई पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में भी मुलायम सिंह और मायावती जैसे नाम हैं। लेकिन प्रचार के लिए ये हिमाचल कब आएंगे, किसी को पता नहीं।
मायावती का दौरा भी तय नहीं
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक शर्मा हैं। पार्टी ने उनकी पत्नी उर्मिला को हमीरपुर से प्रत्याशी बनाया है। दीपक कहते हैं - 28 को नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की रैली के लिए कांगड़ा में ग्राउंड मांगा था। नहीं मिला। अब नाहन, कांगड़ा और शिमला में रैली करने का विचार है, लेकिन शेडयूल तय नहीं हुआ है। दिल्ली में जल्द बैठक होने वाली है।
दूसरी ओर बहुजन समाज पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष विजय नैयर कहते हैं कि अभी बहन जी का दौरा तय नहीं हुआ है। मायावती हिमाचल प्रचार के लिए आएंगी, लेकिन इस बारे में अगले सप्ताह तक ही स्पष्ट होगा।
हालांकि शिमला से बसपा प्रत्याशी गुरनाम सिंह ने बताया कि 3 मई को नालागढ़ में रैली होगी। बसपा ने 2008 के विधानसभा चुनाव में कांगड़ा सीट पर जीत हासिल की थी। बाद में पार्टी का एकमात्र विधायक भी भाजपा में शामिल हो गया।
अभी किस सीट से कौन है प्रत्याशी?
हमीरपुर सीट से सपा की ओर से उर्मिला और बसपा से राकेश चौधरी प्रत्याशी हैं। कांगड़ा सीट से सपा की प्रवेश कुमारी और बसपा से लाल हुसैन प्रत्याशी हैं।
मंडी सीट से सपा के पुनी चंद और बसपा से लाला राम प्रत्याशी हैं। शिमला सीट से सपा के शूरवीर सिंह और बसपा से गुरनाम सिंह प्रत्याशी हैं।
2009 के लोकसभा चुनाव का हाल
पिछले लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने सभी चारों सीटों पर चुनाव लड़ा। किसी भी सीट पर वोट प्रतिशत 2 फीसदी का आंकड़ा पार नहीं कर पाया और जमानत जब्त हो गई।
समाजवादी पार्टी ने केवल शिमला सीट पर प्रत्याशी दिया और उसे भी महज 0.34 फीसदी वोट मिले। लोक जनशक्ति पार्टी का भी यही हाल हुआ।
2012 विधानसभा चुनाव में बेहाल
दिसंबर 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में बसपा कुल 68 में से 66 सीटों पर चुनाव लड़ी। केवल 1.22 फीसदी वोट मिला और सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई।
मायावती चुनाव प्रचार में भी आईं थी। समाजवादी पार्टी 68 में से 15 सीटों पर लड़ी और 0.52 फीसदी वोट के साथ सभी सीटों पर जमानत जब्त हुई।