चुनाव से पहले 3 पूर्व विधायकों समेत कई नेताओं की कांग्रेस में वापसी की तैयारी
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हिमाचल विधानसभा चुनाव में मोदी-शाह की हवा से मुकाबला करने के लिए कांग्रेस पार्टी एकाएक चुस्त हो गई है। प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने निष्कासित और निलंबित चल रहे तीन पूर्व विधायकों कश्मीर सिंह, मस्तराम और योगराज समेत करीब डेढ़ दर्जन नेताओं को वापस कांग्रेस में लेने को हरी झंडी दी है।
अब अनुशासन समिति की इस सिफारिश पर अंतिम फैसला प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को लेना है। सीएम वीरभद्र सिंह भी कई बार प्रदेश कांग्रेस कमेटी को निष्कासित नेताओं को वापस लेने की बात कर चुके हैं।
पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने या विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर इन नेताओं को कांग्रेस से निष्कासित या निलंबित किया गया था। आने वाले दिनों में घुमारवीं के पूर्व विधायक कश्मीर सिंह, देहरा के पूर्व विधायक योगराज और करसोग के पूर्व विधायक मस्तराम की कांग्रेस में वापसी तय मानी जा रही है।
पार्टी ने इसलिए निकाला था बाहर, अब वापसी की तैयारी
इन नेताओं ने प्रदेश विधानसभा के पिछले चुनाव में कांग्र्रेस पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ा था। ये कांग्रेस के अब तक के शासनकाल में पार्टी से बाहर रहे हैं। कांग्रेस नेता धर्मवीर धामी और पूर्व एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष यदुपति ठाकुर को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण कांग्रेस से निकाला गया था।
ऐसे सभी नेताओं की कांग्रेस में वापसी होगी। सोमवार को राजीव भवन शिमला में अध्यक्ष एएन विद्यार्थी की अध्यक्षता में कांग्रेस पार्टी की अनुशासन समिति की बैठक हुई। इसमें समिति के सदस्य नरेश चौहान और सोहन लाल भी मौजूद हुए।
इसमें फैसला लिया गया कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और जिला कांग्रेस कमेटियों से आई संस्तुतियों पर गौर करते हुए पार्टी से निष्कासित और निलंबित चल रहे नेताओं की वापसी की जा सकती है। समिति ने करीब डेढ़ दर्जन नेताओं की वापसी को हरी झंडी दी है।