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अरुणाचल हिमस्खलन हादसा: हिमाचल के सैनिक राकेश सिंह भी शहीद, तीन माह पहले ही गए थे ड्यूटी पर

Wed, 09 Feb 2022 06:11 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बैजनाथ (कांगड़ा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बैजनाथ (कांगड़ा) Published by: Krishan Singh Updated Wed, 09 Feb 2022 06:11 PM IST
सार

राकेश सिंह के शहीद होने की आधिकारिक तौर पर सूचना मिलने के बाद विधायक मुलख राज प्रेमी और एसडीएम सलीम आजम ने उनके घर जाकर परिवार वालों को सांत्वना दी। 19 जैक राइफल में तैनात राकेश सिंह तीन माह पूर्व ही घर से ड्यूटी पर गए थे।

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soldier Rakesh Kapoor of kangra himachal also martyred after being hit by avalanche in Arunachal
शहीद राकेश कपूर । - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अरुणाचल प्रदेश के कमांग सेक्टर में हिमस्खलन से उपमंडल बैजनाथ की कंदराल पंचायत के वार्ड-एक लोअर महेशगढ़ निवासी राकेश सिंह (26) भी शहीद हो गए हैं। 19 जैक राइफल में तैनात राकेश सिंह तीन माह पूर्व ही घर से ड्यूटी पर गए थे। राकेश सिंह के शहीद होने की आधिकारिक तौर पर सूचना मिलने के बाद विधायक मुलख राज प्रेमी और एसडीएम सलीम आजम ने उनके घर जाकर परिवार वालों को सांत्वना दी। पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही माता संध्या देवी को बेटे के शहीद होने का पता चलने के बाद उनका रो-रो कर बुरा हाल है, जबकि शहीद की 22 वर्षीय पत्नी अंजलि अपने 6 माह के बेटे रियांश के साथ कमरे में बंद है। मंगलवार देर शाम तक शहीद की पत्नी कमरे से बाहर नहीं निकल सकी थी। राकेश सिंह के पार्थिव शरीर के वीरवार सुबह तक आने की उम्मीद है। शहीद राकेश सिंह अपने पीछे माता-पिता और पत्नी तथा 6 मां के बेटे को छोड़ गए हैं। राकेश सिंह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे।

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शहीद के पिता जिगरी राम सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। जिगरी राम (63) ने बताया कि रविवार देर शाम सेना के अधिकारी का फोन उन्हें आया था और उस समय अधिकारी ने राकेश सिंह के लापता होने की बात कही थी। उसके बाद से राकेश सिंह के पिता बेटे की सलामती की दुआएं मांग रहे थे। राकेश ने गत रविवार सुबह अपने पिता से फोन पर बातचीत की थी और कुछ समय के बाद ही सिग्नल कट हो जाने से बात बंद हो गई थी। राकेश कुमार घर से तीन माह पूर्व ही दिल्ली में अपनी ड्यूटी पर गए थे और 15 दिन पूर्व ही उन्हें अरुणाचल भेजा गया था। सोमवार देर शाम को राकेश कुमार के शहीद होने को लेकर अटकलें चल रही थी, लेकिन आधिकारिक तौर पर किसी भी प्रकार की जानकारी न होने के कारण परिजनों को सूचना नहीं दी गई थी। एसडीएम सलीम आजम ने बताया की पार्थिव शरीर के बुधवार दोपहर बाद या फिर वीरवार सुबह आने की उम्मीद है। नियमों के तहत शहीद के परिवार को प्रशासन की तरफ से सहायता प्रदान की जाएगी।

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