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हिमाचल: काजा से वांगतू तक सौर ऊर्जा पहुंचाने की राह साफ
Wed, 16 Dec 2020 11:19 AM IST
Krishan Singh
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 16 Dec 2020 11:19 AM IST
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हिमाचल प्रदेश में काजा से वांगतू सब स्टेशन तक सौर ऊर्जा पहुंचाने की राह साफ हो गई है। वर्ल्ड बैंक की प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट में 880 मेगावाट के सोलर पार्क को हरी झंडी मिल गई है। ट्रांसमिशन लाइन निकालने की टेक्निकल फिजिबिलिटी को भी सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इस कार्य पर 1100 करोड़ से अधिक खर्च होगा। एसजेवीएन ने इसका निर्माण करेगा। काजा में उत्पादित होने वाली बिजली को बाहर निकालना चुनौती भरा कार्य रहा। कई वर्षों से ट्रांसमिशन की समस्या के चलते मामला लटका है।
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अक्तूबर में इसको लेकर सर्वे हुआ था। मंगलवार को वर्ल्ड बैंक ने प्रदेश सरकार को इस प्रोजेक्ट के बारे में वीडियो कॉन्फ्रेंस से अवगत करवाया। पावर ग्रिड, एसजेवीएन, हिमऊर्जा, बिजली बोर्ड के अधिकारी इस पर काम कर रहे हैं। अभी तक की रिपोर्ट के आधार पर ट्रांसमिशन लाइन फिजिबिल नजर आ रही है। केंद्र सरकार ने एसजेवीएन को हिमाचल सरकार के साथ मिलकर कार्य करने को हरी झंडी दी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा रामसुभग सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
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जमीन की कमी से 120 मेगावॉट कम हुई क्षमता
सोलर पार्क के लिए जमीन कम होने से इसकी क्षमता 120 मेगावाट घटी है। पहले एक हजार मेगावाट का पार्क बनाया जाना प्रस्तावित था। सोलर पार्क के लिए बनाई जा रही ट्रांसमिशन लाइन में जंगी थोपन जलविद्युत परियोजना को भी साथ जोड़ा जाएगा।
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