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अब सॉफ्टवेयर बताएगा, कहां खत्म हो गई दवाई
प्रेम प्रताप सिंह/ अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 17 May 2015 11:49 AM IST
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प्रदेश के किस अस्पताल में किस बीमारी की दवा की जरूरत है। स्टोर में कौन सी दवा खत्म होने वाली है। यह सूचना किसी फार्मासिस्ट, डॉक्टर या फिर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सॉफ्टवेयर बताएगा कि प्रदेश के किस प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या सिविल और जोनल अस्पताल में कौन सी दवा खत्म होने जा रही है।
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सरकार से लेकर स्वास्थ्य विभाग और सप्लायर तक को सॉफ्टवेयर अलर्ट कर देगा, जिससे प्रदेश के मरीजों को दवा के लिए महरूम नहीं रहना पड़ेगा। नए सिस्टम को लागू करने के लिए सरकार स्तर पर एक्सरसाइज शुरू कर दी गई है।
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तमिलनाडु, केरल, राजस्थान सहित कई राज्यों में यह व्यवस्था पहले से ही लागू की जा चुकी है। उसी के तर्ज पर अब प्रदेश के सभी अस्पतालों नए सिस्टम को लागू करने की कोशिश की जा रही है। राज्य में मरीजों के लिए दवा प्रबंधन सिस्टम को बेहतर करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
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जिन राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है, उन राज्यों के मॉडल का भी अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि उससे भी बेहतर हिमाचल में कैसे नए सिस्टम को क्रियान्वित किया जा सके, जिससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को ही उसके घर के पास दवा मिलने में आसानी हो सके। इतना ही नहीं, किस अस्पताल में कौन सी दवा एक्सपायर (मीयाद खत्म) होने जा रही है। इसके बारे में भी साफ्टवेयर अलर्ट करेगा।
सॉफ्टवेयर का क्या होगा काम
- किस अस्पताल में कौन सी दवा खत्म होने जा रही है
- किस अस्पताल में किस बीमारी की कौन सी दवा चाहिए
- किन-किन अस्पतालों में कौन-कौन सी दवाएं एक्सायर हुईं
- सरकार और सप्लायर को सॉफ्टवेयर करेगा समय पर अलर्ट
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विनीत चौधरी ने बताया कि नए सिस्टम को लागू करने में छह माह का वक्त लगेगा। नए प्रणाली को लागू करने से प्रदेश के मरीजों को समय पर और बेहतर दवाएं उपलब्ध कराने में आसानी होगी।