फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   software engineer jatin thakur of bilaspur himachal developed Tea garden on barren land

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बंजर जमीन पर लहलहा दिया चाय का बगीचा

Thu, 18 Feb 2021 11:20 AM IST
Krishan Singh सुरेंद्र जम्वाल, अमर उजाला, घुमारवीं (बिलासपुर)
सुरेंद्र जम्वाल, अमर उजाला, घुमारवीं (बिलासपुर) Published by: Krishan Singh Updated Thu, 18 Feb 2021 11:20 AM IST
विज्ञापन
software engineer jatin thakur of bilaspur himachal developed Tea garden on barren land
युवा जतिन ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने के बाद जहां युवा बड़ी कंपनियों में सालाना बड़े पैकेज पर नौकरी की चाह रखते हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के युवा जतिन ठाकुर ने इंजीनियरिंग करने के बाद कुछ और करने की ठानी। जतिन ने बंजर जमीन पर चाय का बगीचा लगाने की सोची। आज उनकी मेहनत रंग लाई है और बगीचे में करीब तीन हजार चाय के पौधे लहलहा रहे हैं। चाय की फसल छह माह में पूरी तरह से तैयार होने वाली है। 

विज्ञापन


चाय के लिए कांगड़ा का पालमपुर क्षेत्र की मशहूर हैं। अब बिलासपुर की पटेर पंचायत का बेकल गांव दार्जिलिंग चाय की खुशबू से महक रहा है। बड़ी बात यह है कि जतिन ने यू-ट्यूब पर बगीचा लगाने की जानकारी ली और यह कारनामा कर दिया। लगभग दो साल पहले बीस बीघा जमीन के लिए चाय का बीज मंगवाया। फिर यू-ट्यूब से हर रोज जानकारी लेते रहे। पौधे तैयार होने के बाद सही रखरखाव और पैदावार बढ़ाने के लिए टी-बोर्ड ऑफ  इंडिया को आवेदन किया। इस पर कृषि विभाग की तरफ से जतिन को 2500 पौधे और दिए गए।
विज्ञापन


कुछ समय पहले टी-बोर्ड ऑफ इंडिया की टीम ने यहां का दौरा किया। टीम ने दावा किया कि चाय के जो पौधे तैयार हो रहे हैं, उनकी पैदावार पालमपुर की चाय से अधिक होगी। पालमपुर की चाय के बगीचे में फसल आठ महीने पैदावार होती है, तो बेकल गांव की पैदावार दस महीने होगी, लेकिन इसकी गुणवत्ता अधिक होगी। जतिन ने कहा कि भविष्य में 25000 तक पौधे तैयार करने का लक्ष्य है। जतिन ठाकुर ने कहा कि आजकल युवा पढ़ा लिखा होने के बावजूद नौकरियों के लिए भटक रहा है। अगर वह मेहनत करे तो बंजर जमीन पर कुछ भी हो सकता है। उन्होंने बीस बीघा जमीन पर चाय का बगीचा लगभग तैयार कर लिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


टी-बोर्ड ऑफ इंडिया के डायरेक्टर सुमित ठाकुर ने कहा कि बेकल गांव के युवा बीस बीघा जमीन में चाय का बगीचा तैयार कर रहा है। विभाग की तरफ से भी 2500 पौधे दिए गए हैं। दूसरी जगह के लोगो को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed