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लाहौल में 75 दिनों तक चला स्नो फेस्टिवल, सीएम जयराम ने किया समापन
Tue, 30 Mar 2021 10:49 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, केलांग(लाहौल-स्पीति)
अमर उजाला नेटवर्क, केलांग(लाहौल-स्पीति)
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 30 Mar 2021 10:49 AM IST
सार
- लाहौल में देश में लंबी अवधि के स्नो फेस्टिवल का समापन
- 14 जनवरी से शुरू हुआ स्नो फेस्टिवल
- साहसिक खेलों के साथ दशकों से विलुप्त उत्सवों को किया जीवंत
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सीएम ने किया स्नो फेस्टिवल का समापन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को 75 दिनों तक चले देश के सबसे लंबे स्नो फेस्टिवल का वर्चुअल समापन किया। केलांग पुलिस ग्राउंड में स्क्रीन पर ऑनलाइन संबोधन किया। मुख्यमंत्री ने स्नो फेस्टिवल की बधाई दी। अटल टनल खुलने के बाद लाहौल घाटी में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। लेकिन घाटी में होटल और होम सटे की कमी है। इसके लिए होम सटे सबसे बेहतर विकल्प है।
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जयराम ठाकुर ने कहा कि लाहौल-स्पीति में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल की ओर से केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा जाएगा। पहले लाहौल में केवल 71 होम स्टे थे। लेकिन स्नो फेस्टिवल के दौरान 450 होम सटे पंजीकृत हुए हैं। जीरो बजट में 75 दिनों तक फेस्टिवल का आयोजन करना एक कीर्तिमान है। आने वाले दिनों में स्नो फेस्टिवल घाटी की पर्यटन को संजीवनी देगी।
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इसके अलावा स्नो फेस्टिवल पर एक डॉक्यूमेंटेशन होगा, जिसमें अटल टनल बनने से लेकर लाहौल-स्पीति के लोगों के जीवन की संघर्ष की कहानी होगी। उत्सव में साहसिक खेलों के साथ दशकों से विलुप्त उत्सवों को जीवंत किया है। इस मौके पर सीएम ने स्नो फेस्टिवल पर तैयार की गई 14 मिनट की डॉक्यूमेंट्री का भी विमोचन किया। 14 जनवरी से शुरू हुए स्नो फेस्टिवल को प्रशासन और जनता के सहयोग से जीरो बजट के तहत आयोजित किया गया।
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लंबे समय तक मनाए गए इस फेस्टिवल का आयोजन कर लाहौल-स्पीति के नाम एक कीर्तिमान जुड़ गया है। फेस्टिवल में महिला और युवक मंडलों के साथ पंचायत प्रतिनिधियों का अहम योगदान रहा। उत्सव के बहाने घाटी की महिलाओं ने महिला सशक्तीकरण का जीवंत मिसाल पेश की। स्नो फेस्टिवल में लाहौल स्पीति के हर छोटे-बड़े त्योहारों और उत्सवों को शामिल किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारंकड़ा भी मौजूद रहे।
घाटी के पर्यटन को पंख लगने की उम्मीद
स्नो फेस्टिवल के जरिये भविष्य में लाहौल-स्पीति के पर्यटन को पंख लगने की उम्मीद है। हालांकि इस बार कोविड के कारण फेस्टिवल में ज्यादा पर्यटक शामिल नहीं हो सके। आने वाले दिनों में सैलानी यहां की खूबसूरत वादियों को निहारने के साथ घाटी की समृद्ध संस्कृति और व्यंजनों का भी लुत्फ उठा सकेंगे। इससे लोगों को आर्थिकी मजबूत करने का अतिरिक्त विकल्प भी मिलेगा।
डीसी पंकज राय की सोच से हुई शुरुआत
देश के सबसे लंबे अवधि तक चलने वाले स्नो फेस्टिवल के पीछे डीसी पंकज राय की सोच ने काम किया। पंकज राय ने इस फेस्टिवल को शुरू करने से पहले घाटी के हर महिला और युवकों मंडलों के साथ पंचायत प्रतिनिधियों से प्रतिपुष्टि ली। उसके बाद ही स्नो फेस्टिवल की पटकथा लिखी गई।