हिमाचल प्रदेश: ग्लेशियर गिरने से एनएच पर थमे वाहनों के पहिये
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मौसम के बिगड़े मिजाज से किन्नौर जिला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बर्फबारी होने से समूचे किन्नौर में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। वीरवार को किन्नौर जिला के रल्ली में ग्लेशियर गिरने से राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच पर करीब पांच घंटे यातायात बाधित रहा। इसके चलते एनएच के दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लगी रही और लोगों को आवाजाही करने में परेशानियां उठानी पड़ी।
कड़ी मशक्कत के बाद एनएच प्राधिकरण ने बाधित मार्ग को बहाल किया। मार्ग बहाल होते ही लोगों ने राहत की सांस ली। इसके अलावा चोलिंग के निकट उरनी ढांक के पास भी पहाड़ियों से चट्टानें गिरने से सतलुज नदी पर बने पुल के बीचोंबीच एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके चलते पुल पर यातायात ठप हो गया।
गनीमत रही कि इस दौरान कोई हताहत नहीं हुआ। सभी वाहनों को वाया उरनी चोलिंग सड़क से भेजा जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरवार को किन्नौर के छितकुल में करीब 30 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। रक्षम व कल्पा में 15 सेंटीमीटर, रिकांगपिओ में चार सेंटीमीटर, रोपा, मूरंग और जंगी में करीब पांच सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई।
पोवारी, कड़छम, चोलिंग, टापरी, भावानगर और चौरा सहित अन्य क्षेत्रों में बारिश होती रही।उधर, एनएच प्राधिकरण के एक्सईएन पीसी नेगी ने बताया कि वीरवार दोपहर पहाड़ी से चट्टानें गिरने से पुल की प्लेटों को क्षति पहुंची हैं। जल्द से जल्द मार्ग को बहाल कर दिया जाएगा। अभी वाहनों को वाया उरनी-चोलिंग संपर्क मार्ग से भेजा जा रहा है।