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SMC शिक्षकों को सताने लगा नौकरी जाने का खतरा

Mon, 15 Jun 2015 10:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 15 Jun 2015 10:09 AM IST
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smc teachers in school.

प्रदेश सरकार ने एसएमसी अध्यापकों की जगह टीजीटी की तैनाती करनी शुरू कर दी है। ये एसएमसी अध्यापक काफी समय से प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में तैनात हैं। बीते सप्ताह से स्कूलों में की जा रही टीजीटी की तैनाती से एसएमसी अध्यापकों को नौकरी का खतरा सताने लगा है।

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अब तक छह स्कूलों में एसएमसी अध्यापकों की जगह टीजीटी की तैनाती कर दी गई है। प्रदेश सरकार के इस फैसले से पीरियड बेसिज अध्यापक एसोसिएशन भड़क गई है। सोमवार को एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मुलाकात कर इन टीजीटी अध्यापकों को ऐसे स्थान पर तैनाती किए जाने की मांग करेगा, जहां रिक्त पद चल रहा है।
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एसोसिएशन के महासचिव मनोज रोंगटा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 1500 स्कूलों में एसएमसी अध्यापकों की तैनाती की है। सभी अध्यापक शिक्षा विभाग के नियमों के तहत लगे हैं। एसएमसी शिक्षकों को ऐसे स्थानों पर तैनाती दी है जहां टीजीटी, पीजीटी अध्यापक जाने को तैयार नहीं हैं। अब सरकार इन स्कूलों में टीजीटी शिक्षकों को भेज रही है।
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उन्होंने कहा कि हाल ही में शिक्षा विभाग ने 169 बैकलॉग टीजीटी की तैनाती की है, जिनको एमएससी शिक्षकों की जगह तैनात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने चंबा के 3, किन्नौर के 2, शिमला और सिरमौर के एक-एक स्कूल में ऐसी जगह तैनाती दी जहां पहले से ही एसएमसी शिक्षक हैं।


छह महीने से वेतन नहीं- एसोसिएशन के महासचिव मनोज रोंगटा ने कहा कि अधिकांश एसएमसी अध्यापकों को छह महीने से तनख्वाह नहीं मिल रही है। एसएमसी अध्यापक जिम्मेवारी के साथ स्कूलों में छात्रों को पढ़ा रहे हैं। बावजूद इसके तनख्वाह नहीं दी जा रही है।

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