टीएमसी में खुलेगी आधुनिक स्किल लैब, मौके पर मिलेगा उपचार
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उत्तरी भारत की पहली स्किल लैब टांडा मेडिकल कालेज में खुलेगी। लैब आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। लैब में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, टेक्रीशियन को बीमारियों के उपचार के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
इससे अस्पतालों में सेवाएं दे रहे चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ किसी भी बीमारी से ग्रस्त मरीज का मौके पर उपचार कर सकेंगे।
लैब में जटिल बीमारियों गाइनी, हार्ट, सर्जरी, लीवर, ब्रेन, आर्थो और कैंसर के उपचार की ट्रेनिंग दी जाएगी। लैब में पहले बीमारियों से संबंधित थ्योरी करवाई जाएगी। इसके बाद प्रैक्टीकल में मरीजों की बीमारियों का उपचार करवाना बताया जाएगा।
अकसर जटिल बीमारियों के लक्षण और उपचार के बारे में सही जानकारी न होने पर मरीजों को प्रदेशभर के अस्पतालों से टीएमसी, आईजीएमसी शिमला या फिर अन्य राज्यों में रेफर कर देते हैं।
क्या होगा फायदा
ट्रेनिंग से जटिल बीमारियों के लक्षणों का सही पता होने पर अब चिकित्सक मौके पर मरीज का उपचार शुरू करेंगे। इससे मरीजों को अपनी जान से हाथ नहीं धोना पड़ेगा। लैब बनकर तैयार हो चुकी है। अब अगले सप्ताह से यहां पर बीमारियों पर शोध कर चुके विशेषज्ञ चिकित्सक ट्रेनिंग देंगे।
प्रदेशभर के अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी चल रही है। कहीं पर गाइनी तो कहीं पर सर्जन ही नहीं हैं। ऐसे में गाइनी, सर्जरी, हार्ट जैसी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिलता।
इससे मरीजों को चेकअप करने के बाद उन्हें बड़े स्तर के अस्पतालों में उपचार के लिए भेज दिया जाता है। लैब से ट्रेनिंग के बाद प्रदेशभर के अस्पतालों मेें मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
टांडा मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. अनिल चौहान ने कहा कि आधुनिक स्किल लैब खोली जा रही है। इसमें स्टाफ को जटिल बीमारियों के समाधान पर ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे अस्पतालों में आने वाले मरीजों का मौके पर ही उपचार हो जाएगा।