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बड़ा खुलासा: बिना ट्रीटमेंट नदी में छोड़ा था सीवरेज का गंदा पानी

Thu, 04 Feb 2016 09:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 04 Feb 2016 09:54 AM IST
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 SIT investigation on jaundice case in shimla city.

पीलिया मामले को लेकर चल रही सीवेज प्लांट की जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि आईपीएच के रजिस्टर में उन दो दिनों का जिक्र है जिस दौरान अश्वनी खड्ड में बिना ट्रीटमेंट के प्लांट से सीवरेज का गंदा पानी छोड़ दिया था। एक नवंबर से 12 दिसंबर के बीच के दो दिनों का इसमें उल्लेख किया। वहीं बुधवार को जेई और पंप आपरेटरों समेत 11 कर्मचारियों से पूछताछ की गई।

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यह सभी कर्मचारी आईपीएच महकमे के हैं और अश्वनी खड्ड से लिफ्टिंग का काम करते हैं। इस मामले में एसडीओ से भी पूछताछ होगी। इनमें से दो पंप ऑपरेटरों की तलाश एसआईटी को है जिन पर सीवेज युक्त पानी सप्लाई करने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि यहां की जिम्मेवारी एसडीओ और जेई पर है।
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आईपीएच के रजिस्ट्रर में उन दो दिनों का जिक्र भी किया गया है जिस दौरान सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से बिना ट्रीटमेंट के सीवेज अश्वनी खड्ड में छोड़ दिया था। अब रजिस्ट्रर में यह रिपोर्ट मामले के खुलासे के बाद लिखी गई या घटना वाले दिन लिखी गई थी। इस बारे में एसआईटी छानबीन कर रही है। कर्मचारियों से थाना ढली में पूछताछ चल रही है। इस मामले को सुलझाने में एसआईटी को अभी काफी वक्त लगेगा। अब एसआईटी की जांच पानी को लिफ्ट करने वाले कर्मचारियों तक ही पहुंची है।
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रिपन में शुरू हुए पीलिया के टेस्ट

दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में बुधवार से टाइप ऑफ जोंडिस के टेस्ट शुरू हो गए हैं। गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से अस्पताल में मरीजों के यह टेस्ट नहीं हो पा रहे थे। अस्पताल में किट खत्म होने के बाद मरीजों को निजी लैबों में यह टेस्ट करवाने पड़ रहे थे। अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रंजना राव ने बताया कि अस्पताल में टेस्ट किट आ गई है।

स्कूलों को जारी हुए निर्देश

राजधानी शिमला में पीलिया के प्रकोप के चलते उपनिदेशक उच्चत्तर शिक्षा जिला शिमला ने सभी स्कूलों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। आदेशों में सभी स्कूल प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापकों से स्कूल खुलने की तय 10 फरवरी की तिथि से पहले स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था करने और स्कूलों में लगी टंकियों की सफाई कर उसमें क्लोरिनेशन कराने को कहा है।

इसके बाद मुख्य शिक्षकों को उप निदेशक उच्चत्तर शिक्षा कार्यालय की वेबसाइट www.ddheshimla.com में जारी ऑनलाइन आदेशों में उपलब्ध करवाए फारमेट में स्कूल में पेयजल की व्यवस्था से संबंधित ब्यौरा भी देना होगा। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर जारी आदेशों के मुताबिक स्कूलों को यह ब्यौरा उपलब्ध करवाना होगा। इसमें स्कूलों को स्कूल का नाम, ब्लॉक, पेयजल की व्यवस्था आदि का ब्यौरा देना होगा। टंकिंयों की सफाई से संबंधित रिपोर्ट भी उपनिदेशक कार्यालय को अलग से भेजनी होगी।

एक्सईएन को अस्पताल से छुट्टी हिरासत में भेजा
आईजीएमसी अस्पताल में दाखिल आरोपी एक्सईएन को छुट्टी दे दी गई है। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा है। आरोपी ठेकेदार का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि हर पहलू पर मामले की जांच की जा रही है। कहा कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा।


प्रदूषण बोर्ड और एमसी के अफसर निशाने पर
पानी का वितरण करने वाली एजेंसी और उसके बाद क्वालिटी कंट्रोल पर नजर रखने वाली एजेंसी भी जांच के दायरे में आएगी। साफ है कि आने वाले दिनों में प्रदूषण बोर्ड और नगर निगम के जिम्मेदार अफसरों पर भी एसआईटी का शिकंजा कसेगा। गौरतलब है पीलिया के चलते शहर के लोगों में दहशत हैं तथा सैकड़ों लोग अब तक पीलिया की चपेट में आ चुके हैं।

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