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Sirmour News: बांध प्रबंधन, संघर्ष समिति के बीच फिर तनातनी, विस्थापितों ने की नारेबाजी
Fri, 11 Aug 2023 01:43 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ददाहू (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, ददाहू (सिरमौर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 11 Aug 2023 01:43 PM IST
सार
रेणुका बांध परियोजना के अन्वेषण कार्यों के लिए तैयार की गई सुरंगों (टनल) की मिट्टी से लोगों के घर तबाह हो गए हैं। इसकी भरपाई करने से बांध प्रबंधन पल्ला झाड़ रहा है।
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ददाहू में बांध प्रबंधन अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखते रेणुका बांध जन संघर्ष समिति के सदस्य।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
रेणुका बांध जन संघर्ष समिति और बांध प्रबंधन के बीच तनातनी का दौर थमने का नाम नहीं ले रही है। वीरवार को विस्थापितों की बांध प्रबंधन से कुछ मुद्दों को लेकर तकरार हो गई। इसको लेकर विस्थापितों ने बांध कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी भी की। बताया जा रहा है कि तय कार्यक्रम के अनुसार संघर्ष समिति से जुड़े दर्जनों लोग बांध प्रबंधन से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन प्रबंधन ने मात्र 10 लोगों को ही वार्ता के लिए आने का न्योता दिया।
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इससे विस्थापित बिफर गए। मजबूरन परियोजना के महाप्रबंधक को विस्थापितों का सामना करना पड़ा। संघर्ष समिति मांग कर रही थी कि वर्षा के दौरान हुए विस्थापितों के नुकसान की भरपाई बांध प्रबंधन की ओर से की जाए। परियोजना के डूबे क्षेत्र में स्थित मोहतू और सीयूं गांव में बारिश से भारी तबाही हुई है। लोगों की करीब 50 बीघा से अधिक भूमि जलमग्न होकर बर्बाद हो गई है। यहां तक की परियोजना के अन्वेषण कार्यों के लिए तैयार की गई सुरंगों (टनल) की मिट्टी से लोगों के घर तबाह हो गए हैं।
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इसकी भरपाई करने से बांध प्रबंधन पल्ला झाड़ रहा है। विस्थापित अपनी इन मांगों को लेकर प्रबंधन वर्ग से मिलने जा रहे थे। इस बीच 10 लोगों को वार्ता के लिए आमंत्रित किए जाने से खफा होकर विस्थापितों ने प्रबंधन के विरुद्ध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। विस्थापितों की ओर से संघर्ष समिति के अध्यक्ष योगेंद्र कपिला, सलाहकार प्रताप सिंह तोमर, संजय चौहान व पूर्णचंद आदि ने बताया कि प्रबंधन का रवैया संघर्ष समिति के प्रति हमेशा ही नकारात्मक रहा है। उधर, परियोजना महाप्रबंधक आरके चौधरी ने कहा कि विस्थापितों की हर समस्या का समाधान किया जा रहा है।
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