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जज्बा: बूथ पर वोट डालकर दूसरों को प्रेरित करेंगे 104 वर्षीय प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी
Sat, 16 Oct 2021 10:42 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, रिकांगपिओ (किन्नौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, रिकांगपिओ (किन्नौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 16 Oct 2021 10:42 AM IST
सार
हिमाचल में उपचुनाव के दौरान 13729 मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट की सुविधा के लिए आवेदन किया, लेकिन 104 वर्षीय देश के प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी ने कहा कि 30 अक्तूबर को वह मतदान केंद्र में जाकर वोट डालेंगे। प्रशासन इस बार भी मतदान के दिन बूथ पर रेड कारपेट बिछाकर उनका स्वागत करेगा।
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देश के प्रथम मतदाता श्याम शरण नेगी ऑब्जर्वर संजय गोयल के साथ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश के प्रथम मतदाता श्याम शरण नेगी का मतदान को लेकर जज्बा देखिए। हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव के दौरान 13729 मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने पोस्टल बैलेट की सुविधा के लिए आवेदन किया, लेकिन 104 वर्षीय देश के प्रथम मतदाता श्याम सरण नेगी ने कहा कि 30 अक्तूबर को वह मतदान केंद्र में जाकर वोट डालेंगे। प्रशासन इस बार भी मतदान के दिन बूथ पर रेड कारपेट बिछाकर उनका स्वागत करेगा। बता दें कि चुनाव आयोग ने इस उपचुनाव में पहली बार 80 साल से ज्यादा उम्र और दिव्यांग मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा शुरू की है।
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नेगी ने कहा कि आजादी के बाद से आज तक कोई ऐसा चुनाव नहीं है, जिसमें वोट न डाला हो। नेगी का घर कल्पा के वार्ड नंबर एक में आता है। चुनाव आयोग के ब्रांड एंबेसडर रहे नेगी ने कहा कि वह पहले रोजाना चुनाव के बारे में रेडियो से सुनते थे। उनके पुत्र सीपी नेगी ने बताया कि पिता की अब सुनने और देखने की क्षमता कम हो गई है। इस कारण ज्यादा बोल नहीं पा रहे हैं। श्याम सरण नेगी का जन्म जुलाई 1917 को किन्नौर के कल्पा में हुआ। 10 साल की उम्र में स्कूल गए नेगी की पांचवीं तक की पढ़ाई कल्पा में हुई। इसके बाद पढ़ाई के लिए रामपुर गए।
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रामपुर जाने के लिए पैदल तीन दिन लगते थे। नौवीं कक्षा तक की पढ़ाई रामपुर में ही की। उम्र ज्यादा होने से 10वीं कक्षा में प्रवेश नहीं मिला। मास्टर श्याम सरण नेगी ने शुरू में 1940 से 1946 तक वन विभाग में वन गार्ड की नौकरी की। उसके बाद शिक्षा विभाग में चले गए और कल्पा लोअर मिडल स्कूल में अध्यापक बने। उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि श्याम शरण नेगी ने स्वयं मतदान केंद्र पर आकर वोट डालनेे के लिए हामी भरी है। हर साल की तरह इस साल भी उन्हें रेड कारपेट बिछाकर जीप में बिठाकर मतदान केंद्र तक लाएंगे और भव्य स्वागत किया जाएगा।
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इस तरह बने थे देश के पहले मतदाता
देश में फरवरी 1952 में पहला लोकसभा चुनाव हुआ, लेकिन किन्नौर में भारी हिमपात के चलते पांच महीने पहले सितंबर 1951 में ही चुनाव हो गए। पहले चुनाव के समय श्याम सरण नेगी किन्नौर के मूरंग स्कूल में अध्यापक थे और चुनाव में उनकी ड्यूटी लगी थी। उन्हें वोट देने का भी शौक था। उनकी ड्यूटी शौंगठोंग से मूरंग तक थी, जबकि वोट कल्पा में था। इसलिए उन्होंने सुबह वोट देकर ड्यूटी पर जाने की इजाजत मांगी। वह सुबह-सुबह मतदान स्थल पर पहुंच गए। 6:15 बजे मतदान ड्यूटी पार्टी पहुंची। नेगी ने जल्दी मतदान करवाने का निवेदन किया। मतदान पार्टी ने रजिस्टर खोलकर उन्हें पर्ची दी। मतदान करते ही इतिहास बन गया और मास्टर श्याम सरण नेगी आजाद भारत के पहले मतदाता बन गए।
ऑब्जर्वर डॉ. संजय गोयल ने पहले मतदाता श्याम सरण नेगी से की मुलाकात
किन्नौर विधानसभा क्षेत्र के लिए तैनात ऑब्जर्वर डॉ. संजय गोयल ने शुक्रवार को स्वतंत्र भारत के पहले मतदाता श्याम सरण नेगी से उनके कल्पा स्थित आवास में भेंट की। श्याम सरन नेगी ने ऑब्जर्वर डॉ. संजय गोयल को बताया कि वर्ष 1951 में हुए प्रथम संसदीय चुनाव से लेकर आज तक उन्होंने सभी लोकसभा, विधानसभा और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में मतदान किया है। बताया कि वे 30 अक्तूबर को उपचुनाव में भी मतदान करने के लिए तैयार हैं। लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए। डॉ. संजय गोयल ने श्याम सरण नेगी को सम्मानित भी किया। सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं उपमंडल अधिकारी कल्पा स्वाति डोगरा भी उपस्थित थीं।