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Shyam Saran Negi: अमर उजाला को दिए अंतिम इंटरव्यू में क्या बोले थे देश के पहले मतदाता श्याम शरण नेगी, पढ़िए
Sat, 05 Nov 2022 11:19 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/रिकांगपिओ (किन्नौर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/रिकांगपिओ (किन्नौर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 05 Nov 2022 11:19 AM IST
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देश के पहले मतदाता श्याम सरण नेगी।
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
देश के पहले मतदाता श्याम सरण नेगी का शनिवार तड़के निधन हो गया। श्याम सरण नेगी ने तीन दिन पहले बुधवार को कल्पा में अपने घर से पहली बार बैलेट पेपर से 14वीं विधानसभा के लिए मतदान किया था। वोट डालने के बाद श्याम सरण ने कहा था कि मतदान लोकतंत्र का महापर्व होता है। हम सभी को मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। पहले नेगी ने कहा था कि वह मतदान केंद्र में जाकर मतदान करेंगे, लेकिन स्वास्थ्य ठीक न होने के चलते घर से ही वोट डाला। 34वीं बार मतदान करने वाले नेगी ने पहली बार बुधवार को डाक मतपत्र के माध्यम से वोट डाला था।
बुधवार को अमर उजाला को दिए इंटरव्यू में देश के पहले मतदाता श्याम शरण नेगी ने कहा था कि चुनाव प्रक्रिया में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) की शुरुआत से भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ। नेगी ने कहा था कि ईवीएम से मतदान में पारदर्शिता और मतदाता के वोट की गोपनीयता सुनिश्चित हुई। बुधवार को अमर उजाला से हुए संवाद में उन्होंने पढ़े-लिखे और ईमानदार छवि वाले अच्छे लोगों को राजनीति में आगे लाने के लिए सूबे के मतदाताओं से उत्साह के साथ वोट डालने की अपील की थी।
श्याम सरण नेगी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा था कि पुराने जमाने में पर्ची से मतदान करने पर गोपनीयता भंग होने का खतरा बना रहता था। समय से पहले ही पता लग जाता था कि आपने किस प्रत्याशी को अपना मत दिया है। ईवीएम आने से काफी बदलाव आया। पूरे देश में अब पारदर्शिता के साथ गुप्त मतदान हो रहा है, जो देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा था कि आज के समय में अच्छी छवि के पढ़े-लिखे लोग चुनाव में आगे आ रहे हैं, इसलिए लोगों को उमंग और उल्लास से मतदान करना चाहिए। हमें अच्छे उम्मीदवार को वोट देना चाहिए।
उन्होंने कहा था कि पहले हम अंग्रेजों के गुलाम थे और अंग्रेज बहुत तंग किया करता थे। अब हम गुलामी से मुक्त हैं, यह बड़ी खुशी की बात है, इसलिए हम सबको मिलकर वोट डालना चाहिए। सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को अपने घरों में ही वोट देने की सुविधा उपलब्ध करवाकर बढ़िया काम किया है।
आज मेरे लिए खुशी की बात है कि जिला किन्नौर प्रशासन मेरे वोट डालने के लिए मेरे घर आया । मेरी आंखों से दिखना कम हो गया है, कान से सुनाई नहीं देता है और पैरों में ताकत नहीं रही, इसलिए मैं चल फिर नहीं सकता हूं।