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Shimla News: आईजीएमसी के बाहर सजा दीं दुकानें, हादसों का खतरा
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नालियों पर सामान रखकर बेच रहे तहबाजारी
निजी एंबुलेंस के बेतरतीब खड़े रहने से लग रहा जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) परिसर के बाहर लोगों को आवाजाही करना मुश्किल हो गया है।
आलम यह है कि अवैध तरीके से बैठे इन तहबाजारियों को उठाने के लिए प्रशासन किसी तरह के कदम नहीं उठा रहा है। यही वजह है कि परिसर के 50 मीटर से अधिक के दायरे में कोई भी तहबाजारी सड़क के किसी भी कोने में बैठकर खाद्य पदार्थों के साथ कपड़े बेच रहा है। आईजीएमसी में रोजाना हजारों मरीज उपचार करवाने आते हैं लेकिन इनमें से कई तहबाजारी कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। आईजीएमसी परिसर के बाहर निकास नालियों के किनारे बैठकर यह तहबाजारी मक्की बेच रहे हैं। इसके अलावा सड़क किनारे पैदल चलने के लिए जो फुटपाथ बने हैं उन पर लोगों को पैदल चलने की जगह नहीं बची है। फुटपाथों पर सामान से भरी क्रेट सजा दी हैं। रेलिंगों पर कपड़ों और जुराबों की दुकानें लगी हुई हैं।
स्थानीय निवासी हरिंद्र, तेजपाल, सुरेंश और अनीता समेत सैकड़ों लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि इन्हें यहां से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। इसके अलावा परिसर के बाहर जो निजी एंबुलेंस गाड़ियां यहां पर पार्क हैं, उन्हें भी यहां से हटाया जाए ताकि जाम न लगे और अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों को परेशानी पेश न आए।
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निजी एंबुलेंस के बेतरतीब खड़े रहने से लग रहा जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) परिसर के बाहर लोगों को आवाजाही करना मुश्किल हो गया है।
आलम यह है कि अवैध तरीके से बैठे इन तहबाजारियों को उठाने के लिए प्रशासन किसी तरह के कदम नहीं उठा रहा है। यही वजह है कि परिसर के 50 मीटर से अधिक के दायरे में कोई भी तहबाजारी सड़क के किसी भी कोने में बैठकर खाद्य पदार्थों के साथ कपड़े बेच रहा है। आईजीएमसी में रोजाना हजारों मरीज उपचार करवाने आते हैं लेकिन इनमें से कई तहबाजारी कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। आईजीएमसी परिसर के बाहर निकास नालियों के किनारे बैठकर यह तहबाजारी मक्की बेच रहे हैं। इसके अलावा सड़क किनारे पैदल चलने के लिए जो फुटपाथ बने हैं उन पर लोगों को पैदल चलने की जगह नहीं बची है। फुटपाथों पर सामान से भरी क्रेट सजा दी हैं। रेलिंगों पर कपड़ों और जुराबों की दुकानें लगी हुई हैं।
स्थानीय निवासी हरिंद्र, तेजपाल, सुरेंश और अनीता समेत सैकड़ों लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि इन्हें यहां से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। इसके अलावा परिसर के बाहर जो निजी एंबुलेंस गाड़ियां यहां पर पार्क हैं, उन्हें भी यहां से हटाया जाए ताकि जाम न लगे और अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों को परेशानी पेश न आए।
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