{"_id":"5e2952c98ebc3e4b267f732b","slug":"shinkula-tunnel-distance-between-manali-and-kargil-shorten-by-hundred-kilometer","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिंकुला टनल से मनाली-कारगिल की कम होगी 100 किलोमीटर दूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिंकुला टनल से मनाली-कारगिल की कम होगी 100 किलोमीटर दूरी
Thu, 23 Jan 2020 01:31 PM IST
अरविन्द ठाकुर
रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू
रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 23 Jan 2020 01:31 PM IST
विज्ञापन
शिंकुला दर्रा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
15920 फीट ऊंचे शिंकुला दर्रे को भेदकर बनने वाली टनल से मनाली-कारगिल की दूरी 100 किलोमीटर कम होगी। तीन किलोमीटर लंबी सुरंग के निर्माण की मंजूरी केंद्र सरकार ने पहले ही दे दी है। अब इसे बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मार्च में शिंकुला टनल का भूगर्भीय सर्वे किया जाएगा। हालांकि, इस सुरंग का भूगर्भीय सर्वे पिछले साल दिसंबर में मनाली-लेह के बीच प्रस्तावित टनलों के साथ होना था, लेकिन खराब मौसम के चलते यह नहीं हो पाया।
विज्ञापन
भुंतर एयरपोर्ट से भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकाप्टर ने शिुकंला के लिए ट्रायल उड़ान भी भरी थी। शिंकुला दर्रा के साथ मनाली-लेह मार्ग के बीच बनने वाली बाराचाला और तंगलंगला टनल का भी भूगर्भीय सर्वे किया जाना है। इसके लिए एमआई-17 हेलीकाप्टर एक सप्ताह से अधिक समय तक भुंतर हवाई अड्डे पर खड़ा रहा। जलोड़ी टनल का सर्वे करने के बाद हेलीकाप्टर दिल्ली लौट गया था।
विज्ञापन
एनएच अथॉरिटी से अधिशासी अभियंता महेश राणा ने कहा कि दिसंबर में सबसे पहले शिंकुला दर्रा में बन रही टनल का सर्वे किया जाना था। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड ने इसके लिए आधुनिक एंटीना से लैस एमआई-17 हेलीकाप्टर लाया गया था।
विज्ञापन
मनाली-लेह मार्ग का वैकल्पिक मार्ग होगा मनाली-शिंकुला-कारगिल मार्ग
शिंकुला में टनल बनने के बाद पाकिस्तान और चीन के सीमावर्ती क्षेत्र लेह-लद्दाख और कारगिल के इलाकों तक जाने वाले सामरिक महत्व के मार्ग से मनाली-कारगिल की दूरी कम होगी। मनाली-लेह मार्ग पर रोहतांग के अलावा बारालाचा, नाकिला, लाचुंगला और तंगलंगला को पार करना पड़ता है। शिंकुला में टनल बनने से कारगिल पहुंचने के लिए मार्ग बदल जाएगा और लाहौल के दारचा से शिंकुला की तरफ मुड़ जाएगा। यह आगे जाकर जसंकर के पदम और रंगदंम होकर कारगिल पहुंचेगा।