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Himachal Tourism : शिमला पर्यटन में नया रिकॉर्ड, दो माह में पहुंचे 18.5 लाख वाहन; वीकेंड पर लगी लंबी कतारें
Mon, 29 Jun 2026 10:28 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 29 Jun 2026 10:28 AM IST
सार
Shimla Tourism: गर्मियों के पर्यटन सीजन में शिमला में दो माह के दौरान 18.5 लाख वाहनों की आवाजाही दर्ज हुई। वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण कई स्थानों पर ट्रैफिक दबाव रहा। पुलिस ने अतिरिक्त जवान, ट्रैफिक बाइक राइडर्स, स्वयंसेवकों और वैकल्पिक मार्गों की मदद से यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा। सोशल मीडिया के जरिए भी लगातार ट्रैफिक अपडेट जारी किए गए।
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शिमला-सोलन एनएच पर रविवार को लगा जाम/संजौली में भी दिन भर वाहनों की कतारें लगी रहीं।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
गर्मियों के पर्यटन सीजन में इस बार शिमला में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। दो महीने में ही शिमला में 18.5 लाख वाहनों ने आवाजाही की है। पुलिस के मुताबिक मई में करीब 8.5 लाख और जून में अभी तक 10 लाख वाहन शिमला में आवाजाही कर चुके हैं। इस वीकेंड पर भी शिमला में बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे। इसी वजह से रविवार को पर्यटकों के लौटने के कारण शिमला से सोलन की ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं।
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पुलिस के मुताबिक पर्यटन सीजन में लाखों वाहनों का उचित यातायात प्रबंधन करने के लिए पुलिस और होमगार्ड कर्मियों की संख्या 136 से बढ़ाकर 265 की गई। इसके अलावा 50 स्वयंसेवकों और 32 ट्रैफिक बाइक राइडर्स की तैनाती भी की गई, जिससे जाम की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
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ट्रैफिक प्रबंधन के लिए शहर को पांच सेक्टरों में विभाजित किया गया है। हर सेक्टर की जिम्मेदारी ग्रेड-वन अधिकारियों को सौंपी गई। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि इस सीजन में लाखों सैलानी शिमला पहुंचे। इसको लेकर पुलिस ने विशेष योजना के तहत काम किया जिससे लोगों को कम से कम परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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अपर शिमला के लोगों को बाईपास से भेज जाम में फंसने से बचाया : शिमला पुलिस ने शहर में वाहनों का दबाव कम करने के लिए अपर शिमला और किन्नौर जाने वाले वाहनों को शोघी से ही वाया मैहली होकर भेजने का फैसला लिया। इसके लिए लोगों को शहर में लगने वाले ट्रैफिक को लेकर जागरुक किया गया और उन्हें वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने के बारे में जागरूक किया गया। इस तरह से हर रोज 800 के करीब वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा गया। इसके अलावा पार्किंग स्थलों का बेहतर प्रबंधन, सोशल मीडिया के माध्यम से रीयल-टाइम ट्रैफिक अपडेट, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा तथा इंटरसेप्टर वाहनों के जरिये यातायात नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया गया।
वीकेंड पर कसौली-चायल में उमड़ा सैलानियों का सैलाब
मैदानी क्षेत्रों में बढ़ते तापमान के बीच पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। वीकेंड पर पर्यटन नगरी कसौली और चायल के होटल पूरी तरह पैक रहे, जिससे होटल कारोबारियों के चेहरे खिल उठे। हालांकि बढ़ती भीड़ के चलते बुनियादी सुविधाएं और यातायात व्यवस्था चरमरा गई। रविवार को धर्मपुर-कसौली मार्ग और कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। छत्तरीमोड़ से लेकर गढ़खल तक पूरा मार्ग जाम से प्रभावित रहा।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई पर्यटकों और स्थानीय लोगों को गढ़खल से कसौली तक का सफर पैदल तय करना पड़ा। बताया जा रहा है कि गढ़खल के आसपास अवैध पार्किंग और सड़क की संकीर्णता जाम का प्रमुख कारण रही। कसौली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राज कुमार सिंगला ने बताया कि इस वीकेंड पर पर्यटकों की आवाजाही अच्छी रही, जिससे कारोबार को फायदा हुआ, लेकिन कुछ स्थानों पर सड़क संकरी होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। मौके पर पुलिस तैनात रही, लेकिन वाहनों की अधिक संख्या के कारण स्थिति नियंत्रण में नहीं आ सकी।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर कंडाघाट के पास भी रविवार को भारी जाम देखने को मिला। दोपहर बाद पर्यटकों की वापसी के समय कंडाघाट बाजार क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यहां फोरलेन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी बाजार के भीतर अब तक सिंगल लेन सड़क ही चालू है। फोरलेन से अचानक सिंगल लेन पर आने से दोनों ओर से वाहनों की भिड़ंत जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है।
मैदानी क्षेत्रों में बढ़ते तापमान के बीच पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। वीकेंड पर पर्यटन नगरी कसौली और चायल के होटल पूरी तरह पैक रहे, जिससे होटल कारोबारियों के चेहरे खिल उठे। हालांकि बढ़ती भीड़ के चलते बुनियादी सुविधाएं और यातायात व्यवस्था चरमरा गई। रविवार को धर्मपुर-कसौली मार्ग और कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। छत्तरीमोड़ से लेकर गढ़खल तक पूरा मार्ग जाम से प्रभावित रहा।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई पर्यटकों और स्थानीय लोगों को गढ़खल से कसौली तक का सफर पैदल तय करना पड़ा। बताया जा रहा है कि गढ़खल के आसपास अवैध पार्किंग और सड़क की संकीर्णता जाम का प्रमुख कारण रही। कसौली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राज कुमार सिंगला ने बताया कि इस वीकेंड पर पर्यटकों की आवाजाही अच्छी रही, जिससे कारोबार को फायदा हुआ, लेकिन कुछ स्थानों पर सड़क संकरी होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। मौके पर पुलिस तैनात रही, लेकिन वाहनों की अधिक संख्या के कारण स्थिति नियंत्रण में नहीं आ सकी।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर कंडाघाट के पास भी रविवार को भारी जाम देखने को मिला। दोपहर बाद पर्यटकों की वापसी के समय कंडाघाट बाजार क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यहां फोरलेन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी बाजार के भीतर अब तक सिंगल लेन सड़क ही चालू है। फोरलेन से अचानक सिंगल लेन पर आने से दोनों ओर से वाहनों की भिड़ंत जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है।