कर्मचारियों की गाड़ियों से मिले हथियार, वीसी बोले-हिंसा में शिक्षकों का भी हाथ
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एचपी यूनिवर्सिटी में नैक टीम के दौरे के दौरान छात्रावास और जगह जगह हुई हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर परिसर में पुलिस की ओर से चलाए गए चैकिंग अभियान में वीरवार को विवि कर्मचारियों की गाड़ियों से भी हथियार मिले।
गाड़ियों में डंडे, लोहे की पाइप के पीस, बेसबॉल स्टिक और हॉकियां बरामद हुईं। भारी मात्रा में हिंसा में प्रयोग होने वाली यह सामग्री कर्मचारियों के वाहनों में मिलने से पुलिस का सिर चकरा गया। पुलिस जवानों ने इसे जब्त किया।
इस बारे में गाड़ी मालिकों से इस बारे पूछताछ की। यह सुनिश्चित किया गया कि परिसर में फैली हिंसा से इन कर्मियों का कोई नाता तो नहीं। पुलिस की इस चैकिंग में इस तरह से आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों से इस तरह के हथियार के रूप में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से कई सवाल खड़े होते हैं।
विवि के हर कर्मचारी को यह मालूम था कि मुख्य गेट पर पुलिस बैग सहित हर सामान चैक कर रही है, इसके बावजूद गाड़ियों में इस तरह का सामान मिलना अपने आप में सवाल खड़ा करता है। एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने स्वयं इस बारे में पूछताछ की।
पूछताछ में बोले कर्मचारी, अपने बचाव के लिए हैं हथियार
कर्मचारियों से की गई पूछताछ में सभी ने यही कहा कि उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए गाड़ी में ये डंडे और रॉड रखे थे, इसका परिसर में छात्र गुटों के बीच हो रही झड़प से कुछ लेना देना नहीं। इस पर पुलिस ने इस पकड़े सामान को अपने पास रख दिया, कर्मचारियों को कार्यालय जाने की अनुमति दे दी गई। लेकिन इस तरह से विवि कर्मचारियों की गाड़ियों से इस तरह के हथियार मिलने पर जो सवाल खड़े हो रहे हैं, उसका इस हिंसा से कोई सरोकार नहीं है, यह भी फिलहाल कह पाना मुश्किल है।
हर छात्र के बैग सहित ली गई पूरी तलाशी
सुबह नौ बजे से पहले ही समरहिल चौक और विवि के मुख्य गेट सहित तीनों ओर से विवि को आने वाले रास्तों पर पुलिस के पुरुष और महिला जवान तैनात थे। हर छात्र कर्मचारी और महिला की एक एक कर चैकिंग की गई। हालांकि वीरवार को छात्रों के पास से ऐसी कोई आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामान नहीं मिला जिसे लड़ाई झगड़े में इस्तेमाल किया जा सके। चूंकि छात्रों को पहले से ही इसका आभास था कि परिसर में चैकिंग और सुरक्षा इंतजाम कड़े होंगे।
कर्मचारियों की गाड़ियों से मिले डंडे रॉड : एसपी
विवि में नैक टीम की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने को मौजूद एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने माना कि सुबह गेट पर चैकिंग के दौरान करीब आधा दर्जन से अधिक डंडे, लोहे की रॉड, हॉकी, बेसबॉल स्टिक बरामद की गई। जिसमें कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
एचपीयू हिंसा में शिक्षकों का भी हाथ : वीसी
नैक टीम का ग्रेडिंग के लिए एचपीयू का दौरा शुरू होने से पहली रात को छात्रावास और उसके बाद एक के बाद एक कर टीम के सामने परिसरों में हुई हिंसा, खूनी झड़पों को लेकर कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने वीरवार को चुप्पी तोड़ी।
टीम के करीब बारह बजे रवाना किए जाने के बाद कुलपति ने कहा कि यह महज एक हिंसा की घटना नहीं थी, यह यह सोची समझी साजिश और षड्यंत्र के तहत यूनिवर्सिटी और उन्हें बदनाम करने की साजिश रची गई थी।
इसका सूत्रधार कौन है, इसका पता विवि अपने स्तर पर भी लगाएगा, और जरूरत पड़ी तो इस पर विजिलेंस जांच भी करवाई जा सकती है। आज से पहले भी विवि में छात्र गुट भिड़ें हैं, मगर लगातार तीन से चार दिन नैक टीम के दौरे के दौरान विवि को बदनाम करने की रचि गई साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा।
इसमें सिर्फ भिड़ने वाले छात्र ही पीछे नहीं हैं बल्कि इस सब के पीछे कुछ शिक्षकों का हाथ भी हो सकता है। जिसे जांच करवाने और ठोस आधार मिलने पर बख्शा नहीं जाएगा। वे जांच के लिए अपने स्तर पर उच्च स्तरीय कमेटी गठित करेंगे। जो पूरे हिंसा प्रकरण का पता लगाएगी। प्रदेश सरकार और राज्यपाल ने भी इन हिंसा की घटनाओं और इससे विवि साख को दाग लगाने के हुए प्रयास का गंभीरता से लिया है।