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कर्मचारी चयन आयोग को सौंपी जाए लिखित परीक्षा की जिम्मेदारी
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शिमला। पेपर लीक मामले के बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अभ्यर्थियों ने अमर उजाला कार्यालय पहुंचकर कहा कि 27 मार्च को आयोजित की गई पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा में उन्हें न तो कार्बन कॉपी दी गई और न ही आंसर-की जारी की गई।
उन्होंने लिखित परीक्षा की आंसर-की और कार्बन कॉपी देने की मांग उठाई है। अभ्यर्थियों ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए फिर से होने वाली लिखित परीक्षा को कर्मचारी चयन आयोग या लोक सेवा आयोग से करवाया जाए।
इन दस अभ्यर्थियों ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग सभी परीक्षाओं की कार्बन कॉपी, प्रश्न पत्र और आंसर-की देता है, जबकि पुलिस भर्ती परीक्षा में ऐसा नहीं किया जा रहा है। उन्होेंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार हो रही गड़बड़ियों से युवाओं के साथ धोखा हो रहा है।
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अभ्यर्थियों ने कहा कि इन मांगों को लेकर वह जल्द मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और डीजीपी संजय कुंडू से मुलाकात करेंगे।
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उन्होंने लिखित परीक्षा की आंसर-की और कार्बन कॉपी देने की मांग उठाई है। अभ्यर्थियों ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए फिर से होने वाली लिखित परीक्षा को कर्मचारी चयन आयोग या लोक सेवा आयोग से करवाया जाए।
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इन दस अभ्यर्थियों ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग सभी परीक्षाओं की कार्बन कॉपी, प्रश्न पत्र और आंसर-की देता है, जबकि पुलिस भर्ती परीक्षा में ऐसा नहीं किया जा रहा है। उन्होेंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार हो रही गड़बड़ियों से युवाओं के साथ धोखा हो रहा है।
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अभ्यर्थियों ने कहा कि इन मांगों को लेकर वह जल्द मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और डीजीपी संजय कुंडू से मुलाकात करेंगे।