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Shimla News: बागवान बोले- यूनिवर्सल कार्टन लागू करने को विधानसभा सत्र में कानून बनाए सरकार
Sun, 05 Mar 2023 08:10 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 05 Mar 2023 08:10 PM IST
सार
हरीश ठाकुर ने बताया कि 2012 में भाजपा सरकार के समय बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा ने यूनिवर्सल कार्टन लागू करने की पहल की थी। इसे लेकर विधानसभा में प्रस्ताव भी लाया गया।
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संघ के प्रदेशाध्यक्ष हरीश ठाकुर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सेब पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन लागू करने को अगर प्रदेश सरकार गंभीर है तो इसे लेकर विधानसभा के आगामी बजट सत्र में कानून बनाया जाए। 2012 से सरकारें यूनिवर्सल कार्टन लागू करने का शिगूफा छोड़ रही हैं लेकिन बागवानों को राहत मिले, इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति नहीं दिखा पा रही। फल, सब्जी और फूल उत्पादक संघ ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि पिछली सरकारों की तरह बागवानों को कोरे आश्वासन न दिए जाएं।
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संघ के प्रदेशाध्यक्ष हरीश ठाकुर ने बताया कि 2012 में भाजपा सरकार के समय बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा ने यूनिवर्सल कार्टन लागू करने की पहल की थी। इसे लेकर विधानसभा में प्रस्ताव भी लाया गया। 2014 में कांग्रेस सरकार के समय बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स के समय विधानसभा में इसे लेकर अध्यादेश लाया गया था लेकिन कानून नहीं बन पाया और यूनिवर्सल कार्टन अनिवार्य रूप से लागू नहीं हो पाया।
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2019 में बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह भी विधानसभा में यह मामला लेकर गए लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ और इसे स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया गया। मई 2020 में स्टैंडिंग कमेटी की इसे लेकर बैठक भी हुई लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ। मौजूदा सरकार अगर विधानसभा में यूनिवर्सल कार्टन लागू करने को लेकर कानून बनाती है और टेलीस्कोपिक कार्टन बनाने पर पूर्णत: रोक लगा दी जाती है, तभी बागवानों को राहत मिलेगी।
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टेलीस्कोपिक और यूनिवर्सल कार्टन में अंतर
यूनिवर्सल कार्टन में 20 किलो सेब ही भरा जा सकता है, जबकि टेलीस्कोपिक में बागवान 25 से 40 किलो तक सेब भर देते हैं। यूनिवर्सल कार्टन को इस तरह डिजाइन किया जाता है, जिससे इसमें 20 किलो से अधिक सेब पैक नहीं किया जा सकता। मौजूदा समय में इस्तेमाल हो रहे टेलीस्कोपिक कार्टन में इनर और आउटर दो लेयर होती हैं। इसे ऊंचा उठा कर सेब की अतिरिक्त तहें पैक की जा सकती हैं।