शिमला के बहुचर्चित गुड़िया प्रकरण की फिर हो सकती है जांच, मंत्रालय ने भेजा पत्र
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बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड के मामले में सीबीआई की जांच से असंतुष्ट स्थानीय लोगों ने घटना की दोबारा जांच की मांग की है। शिमला जिले के धामी निवासी अश्वनी कुमार शर्मा ने मामले में कार्मिक मंत्रालय से शिकायत कर दोबारा जांच की मांग की है। जांच की मांग को मंत्रालय ने सीबीआई को उचित कार्रवाई के लिए भेज दिया है।
बता दें कि गुड़िया प्रकरण की जांच पहले हिमाचल पुलिस के आईजी जहूर हैदर जैदी की अध्यक्षता वाली विशेष जांच टीम को दी गई थी। एसआईटी ने छह आरोपियों को पकड़ा, जिनमें एक सूरज की पुलिस की अभिरक्षा में हत्या हो गई। प्रदेश सरकार ने दोनों मामलों की जांच सीबीआई को दे दी। सीबीआई ने सूरज लॉकअप हत्याकांड में आईजी जैदी समेत नौ पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
लंबी जांच के बाद मामले में एक चिरानी को गिरफ्तार कर गुडि़या दुष्कर्म व हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया। सीबीआई के दावे के फौरन बाद ही गुड़िया के परिजनों से लेकर स्थानीय लोगों तक ने जांच पर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि, सीबीआई ने जांच पर परिजनों से कोई बातचीत नहीं की।
इस बीच हाल में गुड़िया के परिजनों व अन्य कई लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात कर जांच को लेकर सवाल उठाए। यही नहीं, किसी दूसरी एजेंसी से जांच कराने की भी मांग की। जांच पर सवाल उठने पर सीबीआई ने गुडि़या के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें जांच के संबंध में पूरी जानकारी दी।
हालांकि लोग संतुष्ट नहीं हुए केंद्र सरकार से दोबारा जांच की मांग कर दी। अब कार्मिक मंत्रालय ने सीबीआई को मामले में दोबारा जांच को लेकर फैसला लेने के लिए निर्देश जारी किए हैं।