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शिमला: जेबीटी मामले में शिक्षा विभाग ने दायर की पुनर्विचार याचिका
Thu, 06 Jan 2022 07:34 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 06 Jan 2022 07:34 PM IST
सार
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। नवंबर में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने हाईकोर्ट में जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षुओं का पक्ष लेने का फैसला लिया था
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प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षुओं के पक्ष में हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। नवंबर में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने हाईकोर्ट में जेबीटी-डीएलएड प्रशिक्षुओं का पक्ष लेने का फैसला लिया था। विधि विभाग से करीब एक माह तक इस मामले को लेकर चर्चा करने के बाद अब शिक्षा निदेशालय ने पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है। हाईकोर्ट ने कुछ माह पहले जेबीटी भर्ती में बीएड डिग्री धारकों को भी शामिल करने का फैसला सुनाया था। इसको लेकर प्रशिक्षुओं ने प्रदेश भर में कक्षाओं का बहिष्कार कर अपना विरोध जताया था।
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सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशिक्षुओं का पक्ष लेने का फैसला लिया है। जेबीटी मामले पर आए फैसले की तरह राजस्थान के जोधपुर हाईकोर्ट से आए विपरीत फैसले को पुनर्विचार याचिका में आधार बनाया गया है। राजस्थान के जोधपुर हाईकोर्ट ने बीएड डिग्री धारकों को पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पात्र नहीं माना है जबकि प्रदेश हाईकोर्ट ने जेबीटी भर्ती के लिए बीएड वालों को भी पात्र बना दिया है। पुनर्विचार याचिका में अगर पुराना फैसला नहीं बदला जाता है तो सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती याचिका दायर करेगी।
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