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Shimla News: शहर में दो बजे के बाद शिमला शहर जाम, सर्कुलर रोड पर लगी वाहनों की कतारें
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सर्कुलर रोड पर घंटों जाम में फंसे रहे लोग, सैलानियों की आवाजाही बढ़ने से दिक्कत,
कालका से शिमला आने वाली ट्रेनें भी चल रहीं पैक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में शुक्रवार दोपहर के बाद सड़कों पर यातायात जाम लगने से वाहनों की कतारें लग गईं। हालत यह थी कि लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों लग गए।
मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रकोप बढ़ने के बाद सैलानियों की आवाजाही बढ़ी है। इसके अलावा वीकेंड पर एकसाथ चार छुट्टियां होने के कारण बड़ी संख्या में लोग दोपहर के बाद शिमला शहर से ग्रामीण क्षेत्रों की ओर निकले। इस वजह से सड़कों पर वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ गई और लोगों को ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ा। शहर के सर्कुलर रोड में दोपहर 2:00 बजे के बाद लोग जाम में फंसे रहे। हालत यह थी कि टॉलैंड से पुराना बस स्टैंड, टॉलैंड से संजौली और ढली की ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। इसके अलावा कुफरी मार्ग पर भी ट्रैफिक जाम लगा रहा। इस वजह से पुराना बस स्टैंड से संजौली पहुंचने के लिए लोगों को एक-एक घंटे का समय लग गया। आम दिनों में यह सफर महज 25 मिनट का है। सैलानियों की आवाजाही बढ़ने के कारण कालका-शिमला ट्रैक पर चलने वाली सभी ट्रेनें पूरी तरह से पैक चल रही हैं।
एचआरटीसी और निजी बस ऑपरेटरों के रूट हुए फेल
शहर की सड़कों पर वाहनों की कतारें लगने से एचआरटीसी और निजी बस ऑपरेटरों को भी नुकसान उठाना पड़ा। जाम में फंसे रहने की वजह से कई रूट फेल हो गए। गर्मियों के मौसम में हर साल शहर में जाम लगने से बस ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। बीते सप्ताह भी निजी ऑपरेटरों ने शहर में लगने वाले ट्रैफिक जाम का समाधान निकालने के लिए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि जाम के कारण पुराना बस स्टैंड से संजौली पहुंचने के लिए बस को डेढ़ से दो घंटे का समय लग गया। तंग आकर कई ऑपरेटरों ने अपनी बसें खड़ी कर दीं।
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संजौली चौक में एंबुलेंस भी फंसी
शहरवासियों और निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि शहर में जाम लगने का मुख्य कारण संजौली चौक का तंग होना है। इस वजह से यह जाम बढ़ता हुआ पूरे शहर में फैल जाता है। इसको देखते हुए लोगों ने संजौली चौक को जल्द चौड़ा करने की मांग उठाई है। शुक्रवार को ट्रैफिक जाम लगने से छोटा शिमला संजौली मार्ग पर एंबुलेंस भी फंस गईं जिसे बस ऑपरेटरों और निजी वाहनों के चालकों ने मुश्किल से निकाला। सड़क के दोनों ओर जाम लगने के कारण एंबुलेंस को निकलने में भी दिक्कतें पेश आईं।
बेतरतीब वाहनों के खड़े होने से भी लग रहा जाम
शहर में पर्यटन सीजन शुरू होते ही हर साल लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। इसकी मुख्य वजह वाहनों की अधिक संख्या है, वहीं सर्कुलर मार्ग पर जगह-जगह बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले वाहनों के कारण भी जाम की स्थिति बनी रहती है। बैम्लोई, टिंबर हाउस, हाईकोर्ट के नीचे, खलीनी-बीसीएस मार्ग, छोटा शिमला से नवबहार पेट्रोल पंप, आईजीएमसी अस्पताल के नीचे लोग जगह-जगह वाहनों को सड़कों के किनारे खड़ा कर देते हैं। कई जगहों पर एक तरफ पार्किंग हैं तो वहीं दूसरी और बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े किए जाते हैं। इस वजह से वाहनों का दबाव बढ़ने से पूरे शहर में जाम की स्थिति बन जाती है।
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कालका से शिमला आने वाली ट्रेनें भी चल रहीं पैक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में शुक्रवार दोपहर के बाद सड़कों पर यातायात जाम लगने से वाहनों की कतारें लग गईं। हालत यह थी कि लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों लग गए।
मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रकोप बढ़ने के बाद सैलानियों की आवाजाही बढ़ी है। इसके अलावा वीकेंड पर एकसाथ चार छुट्टियां होने के कारण बड़ी संख्या में लोग दोपहर के बाद शिमला शहर से ग्रामीण क्षेत्रों की ओर निकले। इस वजह से सड़कों पर वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ गई और लोगों को ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ा। शहर के सर्कुलर रोड में दोपहर 2:00 बजे के बाद लोग जाम में फंसे रहे। हालत यह थी कि टॉलैंड से पुराना बस स्टैंड, टॉलैंड से संजौली और ढली की ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। इसके अलावा कुफरी मार्ग पर भी ट्रैफिक जाम लगा रहा। इस वजह से पुराना बस स्टैंड से संजौली पहुंचने के लिए लोगों को एक-एक घंटे का समय लग गया। आम दिनों में यह सफर महज 25 मिनट का है। सैलानियों की आवाजाही बढ़ने के कारण कालका-शिमला ट्रैक पर चलने वाली सभी ट्रेनें पूरी तरह से पैक चल रही हैं।
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एचआरटीसी और निजी बस ऑपरेटरों के रूट हुए फेल
शहर की सड़कों पर वाहनों की कतारें लगने से एचआरटीसी और निजी बस ऑपरेटरों को भी नुकसान उठाना पड़ा। जाम में फंसे रहने की वजह से कई रूट फेल हो गए। गर्मियों के मौसम में हर साल शहर में जाम लगने से बस ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। बीते सप्ताह भी निजी ऑपरेटरों ने शहर में लगने वाले ट्रैफिक जाम का समाधान निकालने के लिए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि जाम के कारण पुराना बस स्टैंड से संजौली पहुंचने के लिए बस को डेढ़ से दो घंटे का समय लग गया। तंग आकर कई ऑपरेटरों ने अपनी बसें खड़ी कर दीं।
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संजौली चौक में एंबुलेंस भी फंसी
शहरवासियों और निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि शहर में जाम लगने का मुख्य कारण संजौली चौक का तंग होना है। इस वजह से यह जाम बढ़ता हुआ पूरे शहर में फैल जाता है। इसको देखते हुए लोगों ने संजौली चौक को जल्द चौड़ा करने की मांग उठाई है। शुक्रवार को ट्रैफिक जाम लगने से छोटा शिमला संजौली मार्ग पर एंबुलेंस भी फंस गईं जिसे बस ऑपरेटरों और निजी वाहनों के चालकों ने मुश्किल से निकाला। सड़क के दोनों ओर जाम लगने के कारण एंबुलेंस को निकलने में भी दिक्कतें पेश आईं।
बेतरतीब वाहनों के खड़े होने से भी लग रहा जाम
शहर में पर्यटन सीजन शुरू होते ही हर साल लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। इसकी मुख्य वजह वाहनों की अधिक संख्या है, वहीं सर्कुलर मार्ग पर जगह-जगह बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले वाहनों के कारण भी जाम की स्थिति बनी रहती है। बैम्लोई, टिंबर हाउस, हाईकोर्ट के नीचे, खलीनी-बीसीएस मार्ग, छोटा शिमला से नवबहार पेट्रोल पंप, आईजीएमसी अस्पताल के नीचे लोग जगह-जगह वाहनों को सड़कों के किनारे खड़ा कर देते हैं। कई जगहों पर एक तरफ पार्किंग हैं तो वहीं दूसरी और बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े किए जाते हैं। इस वजह से वाहनों का दबाव बढ़ने से पूरे शहर में जाम की स्थिति बन जाती है।