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टीबी मरीजों की आकस्मिक मौतों से देश को लग रही अरबों रुपये की चपत
Tue, 26 Mar 2019 11:59 AM IST
Krishan Singh
हरीश चंद्र, अमर उजाला, धर्मशाला
हरीश चंद्र, अमर उजाला, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 26 Mar 2019 11:59 AM IST
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क्षय (टीबी) रोग पूरे विश्व के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने टीबी रोग से निपटने के लिए विश्व के हर देश को महाभियानों के रूप में निपटने की दिशा में काम करने की सलाह दी है।
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डब्ल्यूएचओ के अनुसार टीबी रोग ऐसी बीमारी है, जिससे विश्वभर के देशों में सबसे ज्यादा लोगों की अचानक मौत हो रही है। इससे सभी देशों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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भारत में वर्ष 2018 में लगभग चार लाख टीबी रोगियों की अचानक मौत हुई है, जिससे भारत को लगभग 32 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ है, जो भारतीय मुद्रा में अरबों रुपये हैं।
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उधर, सूबे में विश्व स्वास्थ्य संगठन के परामर्शदाता डॉ. रविंद्र कुमार ने कहा कि टीबी रोग से ग्रस्त मरीजों की आकस्मिक मौतों से देश को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
आने वाले समय में टीबी रोग से निपटने के लिए अभियानों को और तेजी से धरातल पर उतारने की योजना हो रही है, जिससे मरीजों की समय रहते पहचान हो सके और उपचार शुरू किया जा सके।