लिटफेस्ट में पहुंचीं शर्मिला टैगोर, बांटा फिल्म जगत का अनुभव
हिमाचल के सोलन स्थित कसौली में चल रहे खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के दूसरे दिन के पहले सत्र की शुरुआत अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के वक्तव्य से हुई।
इस दौरान उन्होंने हिंदी सिनेमा में गुजारे 60 सालों का अनुभव साझा किया। उन्होंने उस जमाने में शूटिंग और शेड्यूल से लेकर अभिनेता-अभिनेत्री के बीच की केमिस्ट्री पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि पुराने जमाने की फिल्मों में महिलाएं ज्यादा सुरक्षित महसूस करती थीं। हालात समय के साथ बदले हैं। उन्होंने चर्चा के दौरान उस जमाने के कलाकारों का जिक्र किया और कहा कि वो लोग एक-दूसरे के काम की कद्र करते थे।
लिटफेस्ट में गूंजी कारगिल की विजय गाथा
लिटफेस्ट में कारगिल विजय की कहानी भी खूब गूंजी। महावीर चक्र विजेता सेवानिवृत्त कर्नल सोनम वांगचुक ने बताया कि 30 व 31 मई 1999 को अपनी टुकड़ी के साथ चोरबाटला में दुश्मनों का मुकाबला किया और उन्हें खत्म कर कारगिल युद्ध पर पहली जीत दर्ज की।
पाकिस्तान से आए घुसपैठियों की मौत की खबर पाकर पीछे के बंकरों में छिपे दुश्मन भी भाग गए और चोरबाटला पर भारतीय नियंत्रण स्थापित हो गया।