शंकराचार्य की सलाह का विरोध, भाजपा नेता बोले-आबादी नहीं रोकी तो होगी बर्बादी
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान लोकसभा सांसद शांता कुमार ने हिंदुओं को दस बच्चे पैदा करने की शंकराचार्य वासुदेवानंद की सलाह का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि वे शंकराचार्य वासुदेवानंद का पूरा आदर करते हैं।
लेकिन उनकी हिंदुओं को 10 बच्चे पैदा करने की सलाह का विरोध करते हैं। बढ़ती जनसंख्या का विस्फोट भारत के लिए एक बहुत बड़ा संकट है। 1947 में भारत की आबादी केवल 35 करोड़ थी, जो अब बढ़कर आबादी 122 करोड़ हो गई है।
साल 1947 की आबादी के बराबर करीब 30 करोड़ लोग तो गरीबी की रेखा से नीचे हैं। उन्होंने कहा है कि हर साल करीब एक करोड़ 70 लाख आबादी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि चीन ने समय रहते आबादी रोकी। इससे गरीबी और बेरोजगारी को खत्म किया।
शांता बोले, भगवान ने सोचने के लिए दी है बुद्धि
भारत को भी बढ़ती आबादी को रोकना होगा, जबकि शकंराचार्य वासुदेवानंद ने कहा है कि हिंदु दस बच्चे पैदा करें। उनकी देखभाल भगवान करेंगे। भगवान उसी की मदद करते हैं, जो स्वयं अपनी मदद करते हैं।
यदि कोई किसी उन्माद में नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या करे तो भगवान उसकी मदद कभी नहीं करते। भगवान ने बुद्धि दी है, सोचने की शक्ति दी है। शांता ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि सभी समस्याओं की जड़ बढ़ती हुई आबादी को रोकने के लिए अब कोई राजनीतिक दल बात नहीं करता, जबकि सच्चाई यह है कि बढ़ती आबादी को नहीं रोका गया तो भविष्य में बर्बादी को भी नहीं रोका जा सकता।
देश में एक राष्ट्रीय सहमति बननी चाहिए और राष्ट्रीय जनसंख्या नीति बना कर आबादी को रोकना चाहिए। लिहाजा, इस नियम से शंकराचार्य की चिंता भी खत्म हो जाएगी।