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Shimla News: डीसी कार्यालय के बाहर एसएफआई का प्रदर्शन
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हमले में शामिल एबीवीपी कार्यकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
तीन दिन से हर रोज प्रदर्शन कर रही है एसएफआई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। एसएफआई की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन कर हमले में शामिल एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
एबीवीपी ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और एसएसपी शिमला को ज्ञापन सौंपा। एसएफआई ने समरहिल में हुई हिंसा में एबीवीपी पर उनके कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला करने के आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन में शामिल कैंपस सचिवालय सदस्य सुनील ने कहा कि जब एसएफआई विश्वविद्यालय में छात्रों के मुद्दों को लेकर आंदोलन करती है तो इसे खत्म करने के लिए एबीवीपी ऐसे हमले कर हिंसा का माहौल बनाती है। हमले में उनके सात कार्यकर्ता घायल हुए हैैं। एसएफआई मांगों को लेकर 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल करने जा रही थी उस हड़ताल को खत्म करने के लिए कैंपस में एबीवीपी के गुंडों ने उनके कार्यकर्ताओं पर दराट से हमला कर दिया। ऐसे संगठनों को परिसर में बैन किया जाए।
राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि जिन लोगों ने विश्वविद्यालय में एसएफआई कार्यकर्ताओं के ऊपर हमला किया वह वही लोग हैं जिन लोगों ने संजौली में भी सांप्रदायिकता का माहौल बनाया और पत्थरबाजी की थी। कोरोनाकाल में विवि में आरएसएस के लोगों को भर्ती किया, अब एनईपी को लागू कर शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है। इसका विरोध रोकने के लिए परिसरों में हिंसा फैलाई जा रही है। प्रदर्शन के बाद एसएफआई ने एसएसपी संजीव गांधी को ज्ञापन सौंपा। हमले में शामिल एबीवीपी के गुंडों को गिरफ्तार करने में हुई देरी को लेकर इसमें पुलिस प्रशासन को घेरा है।
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तीन दिन से हर रोज प्रदर्शन कर रही है एसएफआई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। एसएफआई की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन कर हमले में शामिल एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
एबीवीपी ने वीरवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और एसएसपी शिमला को ज्ञापन सौंपा। एसएफआई ने समरहिल में हुई हिंसा में एबीवीपी पर उनके कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला करने के आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन में शामिल कैंपस सचिवालय सदस्य सुनील ने कहा कि जब एसएफआई विश्वविद्यालय में छात्रों के मुद्दों को लेकर आंदोलन करती है तो इसे खत्म करने के लिए एबीवीपी ऐसे हमले कर हिंसा का माहौल बनाती है। हमले में उनके सात कार्यकर्ता घायल हुए हैैं। एसएफआई मांगों को लेकर 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल करने जा रही थी उस हड़ताल को खत्म करने के लिए कैंपस में एबीवीपी के गुंडों ने उनके कार्यकर्ताओं पर दराट से हमला कर दिया। ऐसे संगठनों को परिसर में बैन किया जाए।
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राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि जिन लोगों ने विश्वविद्यालय में एसएफआई कार्यकर्ताओं के ऊपर हमला किया वह वही लोग हैं जिन लोगों ने संजौली में भी सांप्रदायिकता का माहौल बनाया और पत्थरबाजी की थी। कोरोनाकाल में विवि में आरएसएस के लोगों को भर्ती किया, अब एनईपी को लागू कर शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है। इसका विरोध रोकने के लिए परिसरों में हिंसा फैलाई जा रही है। प्रदर्शन के बाद एसएफआई ने एसएसपी संजीव गांधी को ज्ञापन सौंपा। हमले में शामिल एबीवीपी के गुंडों को गिरफ्तार करने में हुई देरी को लेकर इसमें पुलिस प्रशासन को घेरा है।
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