{"_id":"63864b7466d116522d017a56","slug":"sfi-aagitation-in-shimla-shimla-news-sml4293583123","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: एसएफआई प्रदर्शन एचपीयू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: एसएफआई प्रदर्शन एचपीयू
विज्ञापन
SfI aagitation in shimla
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रथम वर्ष के खराब परीक्षा
परिणाम पर छात्र संगठन उग्र
संगठनों ने प्रदर्शन कर विवि प्रशासन को ठहराया खराब परिणाम के लिए जिम्मेवार
परीक्षा प्रणाली को जल्द
दुरुस्त करे विवि प्रशासन
एसएफआई ने प्रदर्शन कर चेताया
बोले, मांगें न मानी तो पूरे प्रदेश में करेंगे आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्नातक डिग्री कोर्स के प्रथम वर्ष के खराब नतीजों और ऑनलाइन (ईआरपी) सिस्टम की खामियों के खिलाफ हिमाचल विश्वविद्यालय में एसएफआई ने मंगलवार को प्रदर्शन किया।
एसएफआई की विवि इकाई ने पुस्तकालय के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन किया और 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल की। प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने हजारों छात्र-छात्राओं की इस समस्या के लिए विवि प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। एसएफआई ने यूजी प्रथम वर्ष के खराब परीक्षा परिणाम के लिए विवि को जिम्मेदार ठहराया और छात्रों की पुनर्मूल्यांकन फीस को माफ करने की मांग की। विवि इकाई अध्यक्ष हरीश ने कहा कि यूजी के प्रथम वर्ष के परिणाम में 80 फीसदी छात्र-छात्राएं फेल हैं।
उन्होंने कहा कि खराब परीक्षा परिणाम के कारण फेल हुए हजारों छात्र मानसिक रूप से परेशान हैं। इकाई उपाध्यक्ष कुलदीप ने कहा कि एसएफआई लगातार इन खामियों भरे ईआरपी सिस्टम को बंद करने की मांग कर रही है। पिछले तीन सालों से इस ईआरपी सिस्टम के तहत ऑन स्क्रीन मूल्यांकन को जबरन थोपने का प्रयास किया जा रहा है। इस कारण आधे अधूरे परीक्षा परिणाम आने से छात्र लगातार परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन
विवि प्रशासन ने परीक्षा की गोपनीयता को ताक पर रखकर, परीक्षा परिणाम तैयार करने का कार्य एक कंपनी को ठेके पर दिया है। विवि प्रशासन नियमित भर्तियां न कर ठेकें पर कार्य करवा रहा है। विवि को छात्रों की सुविधा की जगह फीस के माध्यम से पैसे कमाने का अड्डा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि विवि प्रशासन ने मांगों को नहीं माना तो एसएफआई पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू कर देगी।
विज्ञापन
परिणाम पर छात्र संगठन उग्र
संगठनों ने प्रदर्शन कर विवि प्रशासन को ठहराया खराब परिणाम के लिए जिम्मेवार
परीक्षा प्रणाली को जल्द
दुरुस्त करे विवि प्रशासन
एसएफआई ने प्रदर्शन कर चेताया
बोले, मांगें न मानी तो पूरे प्रदेश में करेंगे आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्नातक डिग्री कोर्स के प्रथम वर्ष के खराब नतीजों और ऑनलाइन (ईआरपी) सिस्टम की खामियों के खिलाफ हिमाचल विश्वविद्यालय में एसएफआई ने मंगलवार को प्रदर्शन किया।
एसएफआई की विवि इकाई ने पुस्तकालय के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन किया और 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल की। प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने हजारों छात्र-छात्राओं की इस समस्या के लिए विवि प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। एसएफआई ने यूजी प्रथम वर्ष के खराब परीक्षा परिणाम के लिए विवि को जिम्मेदार ठहराया और छात्रों की पुनर्मूल्यांकन फीस को माफ करने की मांग की। विवि इकाई अध्यक्ष हरीश ने कहा कि यूजी के प्रथम वर्ष के परिणाम में 80 फीसदी छात्र-छात्राएं फेल हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि खराब परीक्षा परिणाम के कारण फेल हुए हजारों छात्र मानसिक रूप से परेशान हैं। इकाई उपाध्यक्ष कुलदीप ने कहा कि एसएफआई लगातार इन खामियों भरे ईआरपी सिस्टम को बंद करने की मांग कर रही है। पिछले तीन सालों से इस ईआरपी सिस्टम के तहत ऑन स्क्रीन मूल्यांकन को जबरन थोपने का प्रयास किया जा रहा है। इस कारण आधे अधूरे परीक्षा परिणाम आने से छात्र लगातार परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन
विवि प्रशासन ने परीक्षा की गोपनीयता को ताक पर रखकर, परीक्षा परिणाम तैयार करने का कार्य एक कंपनी को ठेके पर दिया है। विवि प्रशासन नियमित भर्तियां न कर ठेकें पर कार्य करवा रहा है। विवि को छात्रों की सुविधा की जगह फीस के माध्यम से पैसे कमाने का अड्डा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि विवि प्रशासन ने मांगों को नहीं माना तो एसएफआई पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू कर देगी।