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Himachal News: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- केवल निर्माण के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी अस्वीकार्य

Tue, 04 Nov 2025 04:32 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 04 Nov 2025 04:32 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को  तकनीकी शिक्षा विभाग की कार्य प्रणाली की समीक्षा करते हुए खाली भवनों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच 126.45 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सात भवन खाली पड़े हैं। 

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Seven buildings constructed at a cost of Rs 126.45 crore are lying vacant, hp govt will make a plan for their
तकनीकी शिक्षा विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू। - फोटो : आईपीआर विभाग

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि केवल निर्माण के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी अस्वीकार्य है। मंगलवार को राज्य सचिवालय में तकनीकी शिक्षा विभाग की कार्य प्रणाली की समीक्षा करते हुए खाली भवनों की स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच 126.45 करोड़ से बने सात भवन खाली पड़े हैं। उन्होंने विभाग को जनहित में इन भवनों के उपयोग के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। बाजार की मांग के अनुरूप विद्यार्थियों को कुशल बनाया जा रहा है इससे उनके रोजगार की क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने तकनीकी शिक्षा विभाग को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के छात्रों के नामांकन, समग्र प्रदर्शन और सुविधाओं के आधार पर ग्रेड प्रदान करने के निर्देश दिए। सरकार तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों में रिक्त पड़े पदों को भरेगी और इन संस्थानों को हर संभव सहायता भी प्रदान की जाएगी।

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उन्होंने तकनीकी शिक्षा संस्थानों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी बल दिया ताकि युवाओं को उभरते रोजगार क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित किया जा सके। उन्होंने बिलासपुर जिले के बंदला स्थित हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में 30 छात्रों के प्रवेश के साथ एमटेक (ईवी-टेक) पाठ्यक्रम शुरू करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के राज्य संयोजक अतुल करोहटा, विशेष सचिव तकनीकी शिक्षा सुनील शर्मा, निदेशक तकनीकी शिक्षा अक्षय सूद और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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सरकार तैयार कर रही नवाचार और स्टार्टअप नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हिमाचल में नवाचार को बढ़ावा दे रही है और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य नवाचार और स्टार्टअप नीति-2025 तैयार कर रही है। घुमारवीं में डिजिटल यूनिवर्सिटी ऑफ इनोवेशन, एंटरप्रन्योरशिप, स्किल एंड वोकेशनल स्टडीज स्थापित करने पर विचार कर रही है, जिसके लिए 258 बीघा भूमि चिह्नित की गई है।
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