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क्रेट में किलो के हिसाब से बिकेगा सेब, बागवानों को होगा फायदा
Fri, 25 Jun 2021 08:57 AM IST
Krishan Singh
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 25 Jun 2021 08:57 AM IST
सार
प्रदेश सरकार ने इस साल राज्य की विभिन्न मंडियों में सेब क्रेट में भरकर बेचने की व्यवस्था करने का मन बना लिया है। कार्टन में सेब की पैकिंग के कारण बागवानों पर पैकिंग का खर्चा भी अपेक्षाकृत अधिक बैठता है और सेब के दाम भी पूरे नहीं मिल पाते हैं।
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कुल्लू में सेब व प्लम क्रेट में भरकर बेचने की व्यवस्था।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में बी और सी ग्रेड के सेब को इस साल मंडियों में अच्छे दाम मिलेंगे। अभी तक बीस किलो के कार्टन में सेब बागवान 32 किलो भरकर बेचते थे, मगर दाम बीस किलो के ही मिलते रहे हैं। बी और सी ग्रेड का सेब वह है, जो गुणवत्ता और आकार में ए ग्रेड से कम होता है। बागवानों को प्रदेश की मंडियों में अब सेब के रेट प्रति किलो के हिसाब से मिल पाएंगे। हर साल बागवानों का प्रदेश की मंडियों में बिचौलिये आर्थिक शोषण करते रहे हैं।
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प्रदेश सरकार ने इस साल राज्य की विभिन्न मंडियों में सेब क्रेट में भरकर बेचने की व्यवस्था करने का मन बना लिया है। कार्टन में सेब की पैकिंग के कारण बागवानों पर पैकिंग का खर्चा भी अपेक्षाकृत अधिक बैठता है और सेब के दाम भी पूरे नहीं मिल पाते हैं। लिहाजा बागवानों को कई बार उत्पादन लागत भी पूरी नहीं मिल पाती है। सेब बागवानों को सेब को बोरियों में भरकर सरकारी एजेंसियों एचपीएमसी और हिमफेड के पास न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचना पड़ता है।
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कार्टन से सस्ती पड़ेगी क्रेट में सेब की पैकिंग
दिल्ली के आढ़ती अभिताभ सहित अन्य आढ़तियों का कहना है कि कार्टन में सेब की पैकिंग का छह रुपये प्रति किलो खर्च आता है। जबकि क्रेट में सेब की पैकिंग करके मंडियों में बेचा जाए तो खर्चा दो रुपये प्रति किलो से कम आएगा। बागवान अगर एक बार उपयोग होने वाले क्रेट सेब के लिए प्रयोग करते हैं तो उनको बीस किलो का क्रेट अस्सी रुपये में बाजार में मिल जाएगा।
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विदेशी सेब भी क्रेट में बेचा जा रहा
आढ़ती बताते हैं कि विदेशों खासकर ईरान आदि देशों से जो सेब देश में बिकने के लिए आता है, वह क्रेट में भरकर ही आता है। क्रेट में रखे सेब की गुणवत्ता भी सही रहती है। ये क्रेट सिर्फ एक बार उपयोग में लाए जाते हैं। बड़ी कंपनियां भी क्रेट में सेब खरीदकर बेचती हैं।
सेब के मिलेेंगे अच्छे दाम
बागवान लंबे समय मांग करते रहे हैं कि बागवानों को सेब के दाम तोलकर दिए जाएं। अभी बीस किलो के कार्टन में सेब बीस किलो से अधिक हो तो भी दाम बीस किलो के ही मिलते हैं। हिमाचल सब्जी एवं फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान कहते हैं कि क्रेट में सेब बेचने से दाम अधिक मिलेंगे। बोरियों का सेब रेहड़ी में 25-30 रुपये किलो के हिसाब से बिकता है। बागवानों को सिर्फ साढ़े आठ रुपये प्रति किलो दाम मिलता है। क्रेट में सेब बेचने से तोलकर सेब के दाम मिलेंगे।