{"_id":"5e4157d78ebc3ee5d0607b18","slug":"section-118-case-vigilance-again-issued-notice-to-three-accused","type":"story","status":"publish","title_hn":"धारा 118 मामला: विजिलेंस ने तीन आरोपियों को फिर जारी किया नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धारा 118 मामला: विजिलेंस ने तीन आरोपियों को फिर जारी किया नोटिस
Tue, 11 Feb 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 11 Feb 2020 05:00 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के बहुचर्चित धारा-118 के तहत गैर कृषकों को हिमाचल में जमीन खरीदने की अनुमति देने के नाम पर हुए कथित भ्रष्टाचार मामले की जांच कर रही विजिलेंस ने आवाज के सैंपल न देने वाले तीन आरोपियों को दोबारा नोटिस जारी किया है। नोटिस में तीनों आरोपियों को 17 फरवरी को पेश होने के लिए कहा है। तीनों आरोपियों को दो अन्य आरोपियों के साथ इससे पहले नोटिस जारी किया था, लेकिन सिर्फ दो ही आरोपी वॉयस सैंपल देने पहुंचे।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि चूंकि कोर्ट वॉयस सैंपल लेने की अनुमति दे चुका है। ऐसे में सभी आरोपियों को सैंपल देना पड़ेगा। सूत्रों का कहना है कि सभी आरोपियों के सैंपल विजिलेंस के लिए इसलिए जरूरी हैं, जिससे इन सभी को फोन रिकॉर्डिंग में दर्ज आवाजों से मिलान कर केस को मजबूत किया जा सके। माना जा रहा है कि इस कथित रिकॉर्डिंग में ही प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त व पूर्व मुख्य सचिव पार्थ सारथी मित्रा से बातचीत की आवाज दर्ज है।
विज्ञापन
अगर आवाज का मिलान हुआ तो मित्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उल्लेखनीय है कि मित्रा के प्रमुख सचिव राजस्व रहने के दौरान बड़ी संख्या में गैर कृषकों को हिमाचल में जमीन खरीदने के लिए धारा-118 की मंजूरी दी गई। आरोप है कि इस दौरान जमकर भ्रष्टाचार हुआ। पांच से दस लाख रुपये तक घूस ली गई। अकेले 2010 में ही राजस्व विभाग ने ढाई सौ से ज्यादा मामलों में 118 के तहत अनुमति दे दी। जिसके बाद से विजिलेंस अभी तक जांच कर रही है।
विज्ञापन