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स्क्रबटायफस का कहर, ठियोग के युवक की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 01 Sep 2015 10:06 AM IST
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आईजीएमसी अस्पताल में धूप खिलने के बाद स्क्रब टायफस के मरीजों की तादाद बढ़ने लगी है। अस्पताल में दाखिल एक 18 साल के मरीज की मौत हो गई। यह युवक ठियोग का रहने वाला था यहां दाखिल था। सोमवार को 20 लोगों में स्क्रब टायफस के लक्षण पाए गए हैं।
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अब तक इस बीमारी से नौ मरीजों की मौत हो चुकी है। इन दिनों मौसम साफ है और धूप खिली हुई है। ऐसे में जीवाणु घास के ऊपर आ जाते हैं वहां से गुजरने वाले लोगों को काट लेते हैं। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि एक युवक की मौत हुई है अब तक नौ मरीजों की मौत हो चुकी है।
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ये है बीमारी के लक्ष्ण
तेज बुखार 104 से 105 तक जा सकता है
जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार
शरीर में ऐंठन, अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना
अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना
रोकथाम
शरीर में सफाई का ध्यान रखें
घर और आसपास के वातावरण को साफ रखें
घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें
घर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें
ऐसे होता है स्क्रब टाइफस
यह रोग एक जीवाणु (रिकेटशिया) से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है जो खेतों, झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टाइफस बुखार पैदा करता है।
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