फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   scientist ajay sharma challenged newton's third law center takes cognisance

अब केंद्र सरकार भी जागी, न्यूटन के तीसरे सिद्धांत को इस वैज्ञानिक ने दी चुनौती

Mon, 09 Apr 2018 11:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Mon, 09 Apr 2018 11:10 AM IST
विज्ञापन
scientist ajay sharma challenged newton's third law center takes cognisance
अजय शर्मा - फोटो : फाइल फोटो

अलग-अलग अवस्था में क्रिया के बराबर नहीं, बल्कि उसके आनुपातिक या सदृश ही प्रतिक्रिया होती है। न्यूटन के इस सिद्धांत में संशोधन करने की जरूरत है कि हर क्रिया के बराबर प्रतिक्रिया होती है। ये शोध हिमाचल के शिक्षक अजय शर्मा ने सामने लाया है। विदेशों में इस आशय पर कई वर्षों से व्याख्यान हो रहे हैं।

विज्ञापन


अब भारत सरकार ने भी इस शोध पर संज्ञान लिया है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इंडियन साइंस कांग्रेस 2018 ने अपने एक कार्यक्रम की प्रोसीडिंग में इस शोध को छापा है। ये कांग्रेस हाल ही में मणिपुर विश्वविद्यालय में आयोजित हुई है। अजय शर्मा ने इस संज्ञान पर संतोष जताया है।
विज्ञापन


शर्मा का कहना है कि उन्होंने 19 वर्ष की आयु में वर्ष 1982 में बीएससी द्वितीय वर्ष में भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर के सामने पहली बार इस मुद्दे को उठाया था। तबसे वे लगातार अपने खर्च पर शोध कर रहे हैं। शर्मा का कहना है कि न्यूटन का गति का तीसरा सिद्धांत विश्वव्यापी माना जाता है, मगर ये सामान्य बात है कि क्रिया और प्रतिक्रिया सभी अवस्थाओं में बराबर नहीं हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


न्यूटन के अनुसार सभी आकार की वस्तुओं के लिए प्रतिक्रिया समान होनी चाहिए। इस बात को किसी भी प्रयोगशाला में परखा नहीं गया है, बस मान लिया गया है। शर्मा का कहना है कि असल में इसके लिए वस्तु का आकार और विशेषताएं बराबर होती हैं। अगर सरकार इसमें उनकी मदद करे तो ये कुछ प्रयोगों से ही अपनी बात को सिद्ध कर सकते हैं। 

न्यूटन ने दिए प्रिंसिपिया में दो उदाहरण

scientist ajay sharma challenged newton's third law center takes cognisance

अजय शर्मा का कहना है कि न्यूटन ने अपनी पुस्तक प्रिंसिपिया (1686) के पृष्ठ संख्या 20 पर दो उदाहरण दिए हैं। एक उदाहरण है, जब हम अंगुली से पत्थर को आगे धकेलते हैं तो पत्थर आगे नहीं हिलता है।

न्यूटन के मुताबिक अंगुली से लगाया गया बल क्रिया और पत्थर द्वारा अंगुली पर लगाया गया बल प्रतिक्रिया कहलाता है। पत्थर अपनी जगह से नहीं हिलता है।

इसी पर न्यूटन ने कहा कि क्रिया प्रतिक्रिया के बराबर है। मगर जब कोई बच्चा पत्थर को धकेलता है तो ये आगे चला जाता है। इस पर न्यूटन ने कुछ नहीं कहा। न्यूटन का तर्क यहां अधूरा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed