फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   scientific reason behind the earthquake in lakes and dams.

झील और बांध बन रहे हैं भूकंप की अहम वजह

Tue, 09 Dec 2014 01:42 PM IST
अनिल शर्मा/अमर उजाला, चंबा
अनिल शर्मा/अमर उजाला, चंबा Updated Tue, 09 Dec 2014 01:42 PM IST
विज्ञापन
scientific reason behind the earthquake in lakes and dams.

अपनी सुविधाओं के लिए मानव निर्मित झील और बांध अब परेशानी का सबब बन रहे हैं। इनकी वजह से हिमाचल में बार-बार भूकंप आ रहे हैं। ये सिलसिला लंबे समय तक जारी भी रहेगा। यह तथ्य देहरादून के भूगर्भ वैज्ञानिकों के ताजा शोध में सामने आए हैं। यह शोध भरमौर उपमंडल के होली क्षेत्र में किया गया।

विज्ञापन


होली क्षेत्र में जब से झीलों का निर्माण हुआ है, तब से भूकंप आने की औसत दर में वृद्धि हुई है। पिछले एक महीने में आए अलग-अलग तीव्रता वाले भूकंप के झटकों से यह बात साबित होती है। इन भूकंपों की रिक्टर पैमाने पर तीव्रता पहले 1.2 जबकि दूसरी बार 2.4 आंकी गई है। भूगर्भ वैज्ञानिकों की मानें तो धौलाधार की ये रेंज भूगर्भीय हलचल की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है।
विज्ञापन


भूकंप यांत्रिकी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी, रुड़की में भूकंप यांत्रिकी विभाग के प्रभारी प्रोफेसर एमएल शर्मा ने बताया कि पश्चिमी हिमालय की इस शाखा में दो टेक्टोनिक प्लेट मौजूद हैं, इसलिए प्रदेश सरकार को चाहिए कि यहां पर भूकंप रोधी भवन बनाए जाएं। इस क्षेत्र में भूगर्भीय हलचल से लगातार भूकंप के झटके आने की पूरी संभावना है, जो आगामी समय में भी जारी रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


आखिर क्यों आ रहे भूकंप

चंबा का भरमौर क्षेत्र भूगर्भ हलचल क्षेत्र की उस श्रेणी में आता है, जहां इंडियन और यूरेशियन टैक्टोनिक्स प्लेट में आपस में घर्षण से ऊर्जा पैदा होती है। इसी प्रभाव से पृथ्वी में ऊपरी सतह में कई ऐसी दरारें बन चुकी हैं, जो कि काफी समय से लाखों अरबों गैलन पानी को सीधे इंडियन प्लेट तक पहुंचा रही हैं।


बहती जल धाराओं पर बांध बना इनका पानी रोकने से पृथ्वी की सतह में जल भराव हो रहा है। यह जल भराव बार-बार आने वाले भूकंप का कारण है।

‘वैज्ञानिक अध्ययन में साबित हो चुका है कि भूगर्भीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में झीलों के बनने से भूकंप आने के संभावनाएं बढ़ जाती हैं। भरमौर के होली क्षेत्र में भी प्राकृतिक या मानवीय तौर पर निर्मित झीलों की वजह से भूकंप का खतरा बढ़ गया है।’
-डॉ सुशील, वरिष्ठ वैज्ञानिक, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, भूकंप विभाग, देहरादून


होली में बन चुकी और निर्माणाधीन झीलें
1. कुलेठ में भूस्खलन से बनी डेढ़ किमी लंबी झील
2. एनएचपीसी-2 बग्गा बांध से बनी लगभग डेढ़ किमी लंबी झील
3. एनएचपीसी-3 खड़ामुख में बनी लगभग पौने दो किमी लंबी झील
4. होली के अंदरला गांव के होली नाला में बनाई गई छोटी झील
5. इसके अलावा होली में 10 निर्माणाधीन झीलें भी हैं

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed