स्वतंत्रता दिवस के बाद स्मार्ट वर्दी में नजर आएंगे स्कूली बच्चे, सिलाई की राशि जारी
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15 अगस्त के बाद सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी स्मार्ट वर्दी में नजर आएंगे। पहली से दसवीं कक्षा तक पढ़ने वाले 6.71 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में स्मार्ट वर्दी की सिलाई का पैसा डाला जाएगा।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को प्रति विद्यार्थी वर्दी के दो सेटों के लिए 200 रुपये की सिलाई राशि जारी कर दी है। स्कूल प्रमुखों को एक सप्ताह के भीतर सिलाई का पैसा बैंक खातों में डालने के आदेश दिए गए हैं।
11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले करीब डेढ़ लाख विद्यार्थियों को सिलाई खर्च नहीं दिया जाएगा। 16 जून से प्रदेश में वर्दी का आवंटन शुरू हो गया है। सूबे के कई जिलों में वर्दी बंट चुकी है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 8.30 लाख विद्यार्थियों को अटल स्कूल वर्दी योजना के तहत स्मार्ट वर्दी दी जा रही है।
दिल्ली स्थित श्रीराम लैब से वर्दी के सैंपल जांचने के बाद कई जिलों में रिपोर्ट आ गई है। साल 2018-19 के लिए 57.90 करोड़ से स्मार्ट वर्दी की खरीद की गई है। पहली से जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों को स्मार्ट वर्दी के दो-दो सेट दिए जा रहे हैं।
पहली बार दी जा रही है कलरफुल वर्दी
पहली से जमा दो कक्षा तक पढ़ने वाली छात्राओं को तीन रंगों की चेकदार स्मार्ट वर्दी दी जाएगी। सरकार ने लड़कियों के लिए लाल, काले और सफेद रंग की चेकदार वर्दी मंजूर की है। छठी से बारहवीं तक की छात्राओं को दुपट्टा भी दिया जाएगा। वहीं, लड़कों की वर्दी हरे रंग की पैंट और हरे रंग की चेक शर्ट होगी।
अफसरों की देरी से बीते साल नहीं हुए टेंडर
शिक्षा विभाग और खाद्य आपूर्ति निगम के अफसरों की लापरवाही के चलते बीते साल सरकारी स्कूलों के बच्चों को स्मार्ट वर्दी नहीं मिल सकी। दो विभागों में टकराव होने के चलते मंत्रिमंडल ने बीते साल वर्दी के पुराने टेंडर रद्द कर नए सिरे से टेंडर करवाए थे। इस खींचतान के चलते स्मार्ट वर्दी आवंटन में एक साल की देरी हुई।