अरे ये क्या! महंगी होंगी स्कूल शिक्षा बोर्ड परीक्षाएं
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प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की चालू शिक्षा सत्र की वार्षिक परीक्षाएं महंगी होने जा रही हैं। बोर्ड मार्च 2015 में होने वाली परीक्षाओं से शुल्क में बढ़ोतरी लागू करेगा। इसको बोर्ड परीक्षाओं की पुस्तिकाओं का मूल्यांकन मानदेय बढ़ाने के फैसले से जोड़ा जा रहा है।
बोर्ड ने बीते शैक्षणिक सत्र में ही परीक्षा शुल्क में इजाफा किया था। अब चालू सत्र में भी फीस बढ़ाने के मूड में है। पिछले दिनों ही बोर्ड ने शिक्षक संघ की परीक्षा पुस्तिकाओं का मूल्यांकन मानदेय बढ़ाने की मांग को स्वीकार किया है।
अधिकारियों की मानें तो मूल्यांकन मानदेय बढ़ने के चलते परीक्षा शुल्क को बढ़ाना ही पड़ेगा। बोर्ड अधिकारी दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने का भी तर्क दे रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला अभी नहीं लिया गया है।
मूल्यांकन मानदेय की स्थिति
अभी दसवीं व जमा दो के पेपरों के मूल्यांकन के लिए प्रति उत्तर पुस्तिका पांच से छह रुपये दिए जा रहे थे, लेकिन अब 14 से 15 रुपये तक देने पर सहमति बनी है। ऐसे में संतुलन बनाने के लिए मूल्यांकन मानदेय में भारी इजाफा किया जा सकता है।
यह है फीस
मौजूदा समय में मैट्रिक नियमित छात्रों के लिए 350 तथा प्राइवेट छात्रों के लिए 450 रुपये शुल्क निर्धारित है। जमा दो नियमित छात्रों की 400 और प्राइवेट की 500 रुपये फीस है। इसके अलावा कंपार्टमेंट परीक्षा शुल्क 300 रुपये है।
स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव बलवीर ठाकुर ने बताया कि परीक्षा फीस बढ़ाने का अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन परीक्षा शुल्क में इजाफा हो सकता है।