250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई की ऊना में फिर दबिश, विद्यार्थियों से पूछताछ
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हिमाचल के बहुचर्चित 250 करोड़ से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में सीबीआई की टीम ने बुधवार को फिर से जिला ऊना में दबिश दी। एक विश्राम गृह में सीबीआई की टीम ने ऊना के नाइलेट इंस्टीट्यूट के कई विद्यार्थियों से पूछताछ की।
इस दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि उनको संस्थान प्रबंधकों ने गुमराह किया है। सीबीआई के डीएसपी बलबीर शर्मा की अगुवाई में टीम ने जांच शुरू की। जांच में खुलासा हुआ है कि जिले में एक तीन कमरों में चल रहे शिक्षण संस्थान में इंजीनियरिंग की डिग्री भी करवाई जा रही थी।
कुछ ऐसे भी विद्यार्थी भी हैं, जिन्हें मालूम ही नहीं कि वे इंजीनियर तक बन चुके हैं। यह सब खेल सरकार की ओर से विशेष जाति वर्ग को मिलने वाली केंद्र की छात्रवृत्ति को हड़पने के लिए हो रहा था। यहां तक की इंजीनियर बन चुके विद्यार्थियों को उनके सिलेबस तक की जानकारी नहीं है।
सीबीआई ने कुछ विद्यार्थियों के ब्यान भी कलमबद्ध किए। इसी शिक्षण संस्थान के तार नाहन से भी जुड़े थे, जिसमें खुलासा हुआ था कि ऊना के कुछ युवकों को नाहन में विद्यार्थी बताकर छात्रवृत्ति हड़पी गई है।
बिना एडमिशन नाहन स्थित संस्थान में अध्ययनरत दिखाए छात्र
जांच के दौरान कुछ दस्तावेजों के फर्जी होने की बात भी सामने आई है। जांच में युवकों की बिना जानकारी के बैंक खाते खुलवाने का भी खुलासा हुआ है। इस संस्थान की ऊना सहित प्रदेश भर में आठ शाखाएं हैं और ऊना की शाखा पहले से ही जांच के दायरे में है।
ऊना के विद्यार्थियों को न केवल नाहन स्थित शाखा में अध्ययनरत दिखाया गया, बल्कि अब इस फर्जीवाड़े में कुछ दस्तावेज भी सीबीआई को फर्जी प्रतीत हुए और उन्हें जांच के दायरे में लाया गया है।
सीबीआई ने ऊना में विद्यार्थियों से नाहन में एडमिशन लेने के बारे में भी पूछा तो विद्यार्थियों ने बताया कि नाहन में उन्होंने कभी एडमिशन नहीं ली। ऐसे में अब ऊना और नाहन के शिक्षण संस्थानों पर शिकंजा कस सकता है।