छात्रवृत्ति घोटाले के तीनों आरोपी चार दिन की रिमांड पर भेजे
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250 करोड़ से अधिक के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार तीन आरोपियों को कोर्ट ने चार दिन की रिमांड पर भेज दिया है। सीबीआई ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग के तत्कालीन अधीक्षक ग्रेड 2 अरविंद राजटा, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के वाइस चेयरमैन हितेश गांधी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन हैड कैशियर एसपी सिंह को गिरफ्तार किया था। माना जा रहा है कि अब रिमांड के दौरान जांच अधिकारी गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर अन्य संभावित आरोपियों के साथ हुई मिलीभगत की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करेंगे।
वहीं, रिमांड मिलने के साथ ही अब करोड़ों के इस घोटाले में सीबीआई जल्द ही चालान पेश कर सकती है। सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि 8 और लोगों को जांच एजेंसी ने अपने राडार पर ले रखा है। अदालत में चालान पेश करने से पहले चार से पांच और लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है। ऐसा इसलिए संभव है क्योंकि मामले में जिस अधीक्षक राजटा को पकड़ा गया है, वह इस पूरे घोटाले की मुख्य कड़ी बताया जा रहा है।
अभी तक की जांच में पता चला है कि उसने खुद भी कई वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं के नाम पूछताछ में लिए थे और खुद को प्यादा बताया था। हालांकि, सीबीआई ने उसकी बातों को पूरी तरह सच मानने के बजाय खुद के जुटाए सबूतों को आधार बनाया, जिसकी वजह से राजटा जेल पहुंच गया। नाम न लिखने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि मामले में जल्द ही कुछ और अहम भूमिका निभाने वालों की गिरफ्तारी हो सकती है।