फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Schedule released for PhD counseling across nine HPU departments.

Shimla News: एचपीयू के नौ विभागों की पीएचडी काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी

Sun, 28 Jun 2026 01:18 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2026 01:18 AM IST
विज्ञापन
Schedule released for PhD counseling across nine HPU departments.
भूगोल, भौतिकी, अर्थशास्त्र, योग अध्ययन, शिक्षा विभाग, फोरेंसिक साइंस की 1 से 4 जुलाई तक काउंसलिंग
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए नियमित और पार्ट टाइम पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के तहत नौ विभागों की काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी कर दिया है। विभागों ने अलग-अलग तिथियों पर अभ्यर्थियों को काउंसलिंग, दस्तावेज सत्यापन और शोध प्रस्ताव प्रस्तुति के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। भूगोल विभाग में काउंसलिंग 1 जुलाई सुबह 10 बजे से होगी। भौतिकी और परफॉर्मिंग आर्ट्स (संगीत) विभाग के अभ्यर्थियों को 2 जुलाई सुबह 10:30 बजे बुलाया गया है। अर्थशास्त्र विभाग में 3 जुलाई सुबह 10 बजे जबकि योग अध्ययन विभाग और शिक्षा विभाग में 3 जुलाई सुबह 11 बजे से काउंसलिंग और रिसर्च प्रपोजल प्रस्तुति होगी। गणित एवं सांख्यिकी, शारीरिक शिक्षा और फोरेंसिक साइंस विभागों में काउंसलिंग 4 जुलाई को, शारीरिक शिक्षा विभाग में प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू होगी जबकि गणित एवं सांख्यिकी और फोरेंसिक साइंस विभागों में काउंसलिंग सुबह 10:30 बजे से होगी। विवि ने स्पष्ट किया है कि काउंसलिंग में शामिल होना प्रवेश की पात्रता का प्रमाण नहीं माना जाएगा। अभ्यर्थियों की अंतिम पात्रता का निर्धारण एचपीयू पीएचडी विनियम-2025 (संशोधित) और पार्ट टाइम पीएचडी कार्यक्रम 2026 के प्रावधानों के अनुसार होगा। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन पत्र की प्रति, दो पासपोर्ट आकार के फोटो, मैट्रिक से स्नातकोत्तर तक के मूल प्रमाणपत्र, उनकी स्वप्रमाणित प्रतियां, यूजीसी-नेट, जेआरएफ या समकक्ष योग्यता प्रमाणपत्र, हिमाचली बोनाफाइड, आरक्षण श्रेणी से जुड़े प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज साथ लाने होंगे। पार्ट टाइम अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित प्रारूप में नियोक्ता का अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) और आवश्यक कार्यानुभव का प्रमाण भी अनिवार्य रहेगा। अधिकांश विभागों में अभ्यर्थियों को विभागीय परिषद के समक्ष शोध प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। प्रस्तुति, शोध प्रस्ताव और उसके बचाव के आधार पर निर्धारित अंक दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed