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पेयजल स्कीमों में करोड़ों का घपला, राज्यपाल से की शिकायत

Wed, 13 Jul 2016 08:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 13 Jul 2016 08:35 AM IST
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scam in water supply schemes mla demands probe from governor

पेयजल स्कीमों में करोड़ों का घपला हुआ है। भाजपा विधायक ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात कर इस घोटाले की शिकायत की है। धर्मपुर से भाजपा विधायक महेंद्र सिंह ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात कर मंडी जिले की दो उठाऊ पेयजल योजनाओं में करोड़ों के घोटाले की शिकायत की है।

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विधायक का आरोप है कि दोनों योजनाओं के लिए 2013 में पहले तो पाइप बिछाने में भारी अनियमितता और गड़बड़ी की गई। इसके बाद जिस ठेकेदार ने पाइप डालने का काम किया, उसे 2016 में यही पाइप उखाड़ने का भी ठेका दिया। उन्होंने राज्यपाल से मामले की किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच करवाने की मांग की है।
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वरिष्ठ भाजपा नेता महेंद्र सिंह मंगलवार को राज्यपाल से मिले। उन्होंने मंडी जिले की कांढापत्तन-सरकाघाट और कांढापतन-बीड-पट्टा-समसोह योजना में अनियमितता की शिकायत की। कहा कि दोनों योजनाओं के लिए केंद्र ने 2012 में करीब 51 करोड़ स्वीकृत किए। इनसे 17 पंचायतों की करीब 40 हजार आबादी को लाभ होना था।

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दोनों ही योजनाओं में अनियमितता व गड़बड़ी का आरोप

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राज्यपाल आचार्य देवव्रत को ज्ञापन सौंपते भाजपा विधायक महेंद्र सिंह। - फोटो : अमर उजाला

योजनाओं का काम एकसाथ किया गया। दोनों योजनाओं की खुदाई, पाइप लेइंग एकसाथ की गई और एंकर ब्लॉक भी एक ही हैं। दोनों योजनाओं को सोनखड्ड में बिछाने की अनुमति आईपीएच के तत्कालीन अधिशासी अभियंता ने दी। हालांकि, राइजिंगमेन वाली खड्ड में पानी का बहाव तेज होने से दोनों योजनाओं के पाइप क्षतिग्रस्त हो गए।

कहा कि आरटीआई से जानकारी के अनुसार दोनों योजनाओं का एक ही ठेकेदार को काम दिया गया। अब जब पाइप क्षतिग्रस्त हैं तो उसी ठेकेदार को पाइप उखाड़ने का भी काम दिया गया। अब उन्हीं टूटे हुए पाइपों को दोबारा लाइन बिछाने में इस्तेमाल किया जा रहा है। मांग की कि मामले में किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच कराकर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। नई बिछ रही लाइन में दोबारा पुरानी पाइप डालने से भी रोका जाए।

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